मेयर पद के बुधवार को हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हरफूलचंद कल्याण विजयी रहे। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद भाजपा ने कांग्रेस से छीन लिए हैं।
लगातार छह साल से कांग्रेस को अपने रणनीतिक कौशल से मेयर चुनाव में जीत दिलाते आ रहे पूर्व रेलमंत्री और मौजूदा सांसद पवन बंसल के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि बंसल का दावा है कि इससे लोकसभा चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मेयर पद के चुनाव में हरफूलचंद कल्याण 7 मतों से विजयी रहे। उनकी प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी राजिंदर कौर रत्तू को सात वोट से हराया।
इसके बाद आया सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए आया नतीजा चौंकाने वाला था। भाजपा की हीरा नेगी ने महज एक वोट के अंतर से कांग्रेस के सतप्रकाश अग्रवाल को हरा दिया।
नतीजे से पहले एक वोट अवैध घोषित करने को लेकर कांग्रेसियों ने आपत्ति भी जताई। मगर भाजपा सदन में कांग्रेस की बाजी पलट चुकी थी और उसके बाद आए डिप्टी मेयर चुनाव के नतीजे में भाजपा के देवेश मोदगिल तीन वोटों से विजयी रहे। उन्होंने कांग्रेस की शीला देवी को हराया।
ऐसे पड़े वोट
पद-----प्रत्याशी-------------पार्टी--------वोट मिले
मेयर----हरफूलसिंह कल्याण-कांग्रेस------21
--------राजिंदर कौर रत्तू----भाजपा---14
सीनियर डिप्टी मेयर-------वोट
हीरा नेगी(भाजपा)-------------18
सतप्रकाश अग्रवाल(कांग्रेस)------17
डिप्टी मेयर-----------------वोट
देवेश मोदगिल(भाजपा)-------19
शीला देवी(कांग्रेस)------------16
(कुल वोट 36 थे, तीनों पदों पर एक-एक वोट अवैध पाया गया)
मनोनीत पार्षदों की रही अहम भूमिका
इस बार भी मेयर चुनाव में मनोनीत पार्षदों की भूमिका अहम रही। इस बार मनोनीत पार्षदों ने उम्मीदवारों की परफॉर्मेंस के हिसाब से वोट डाले। पहले हर बार सभी 9 वोटें कांग्रेस को ही जाती रही हैं, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ।