चंडीगढ़। नगर निगम की खाली पड़ी प्रॉपर्टी का कैसे उपयोग किया जाए, यह मेयर की तीन सदस्यीय कमेटी तय करेगी। मेयर राजबाला मलिक ने पार्षद रविकांत शर्मा, अनिल दुबे और गुरुबख्श रावत को शामिल कर तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। बता दें कि जुलाई माह की बैठक में तय हुआ था कि निगम अपनी प्रॉपर्टी का निरीक्षण कर प्रशासन से लीज से फ्री होल्ड करने की मांग करेगा।
बता दें कि जुलाई महीने की बैठक में नगर निगम की खाली पड़ी भूमि और बूथों का एजेंडा आया था। ज्यादातर पार्षद निगम की संपत्तियों को फ्री होल्ड करने के पक्ष में थे। वहीं, पार्षद सुनीता धवन ने कहा था कि सेक्टर-23 में काफी बूथ खाली पड़े हैं। उन्हें भी किराये पर देना चाहिए क्योंकि निगम को इस समय रेवेन्यू बढ़ाना है।
मनोनीत पार्षद चरनजीव सिंह ने कहा कि सभी पार्षदों को एक बार चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मिलकर निगम की संपत्तियों को फ्री होल्ड करवाना चाहिए। सीनियर डिप्टी मेयर रविकांत शर्मा और पार्षद राजेश कालिया ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। हालांकि, कमिश्नर केके यादव ने कहा कि कई बार यह प्रस्ताव प्रशासन को भेजा है, लेकिन मंत्रालय के नियमानुसार प्रशासन भूमि को लीज होल्ड पर ही देने की अनुमति दे रहा है।
क्या करेगी मेयर की कमेटी
मेयर की कमेटी नगर निगम की खाली पड़ी भूमि और बूथों का निरीक्षण करेगी। उसके बाद प्रॉपर्टी की कितनी बार ऑक्शन हुई और कितनी बार असफल रही, इसका भी ब्योरा जुटाएगी। सभी प्रॉपर्टी का ब्योरा इकट्ठा कर प्रशासन को भेजा जाएगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी को लीज से फ्री होल्ड करने की अपील की जाएगी। इसमें लोगों के रुझान भी दिए जाएंगे।
रेंट पॉलिसी भी तैयार करेगी कमेटी
कमेटी नगर निगम की खाली पड़ी संपत्ति के लिए रेंट पॉलिसी भी तैयार करेगी। पार्षद विनोद अग्रवाल ने सदन की बैठक में मांग की थी कि हमारी संपत्ति के दाम भी अलग-अलग हैं। कहीं मार्केट रेट से काफी ज्यादा हैं, तो कहीं काफी कम हैं। मेयर एक कमेटी गठित कर क्षेत्रवार रेंट पॉलिसी भी बनवाएं ताकि निगम को बेहतर रेवेन्यू आ सके।