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मेयर चुनाव: जेटली पर भारी पड़े अमित शाह, उम्मीदवार के एलान पर भाजपा दोफाड़

Thu, 04 Jan 2018 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Mayor Election 2018 - फोटो : अमर उजाला
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मेयर उम्मीदवार तय करने में भाजपा दोफाड़ हो गई है। वर्तमान मेयर आशा जसवाल सहित कुल 11 पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के फैसले का विरोध कर दिया है। पार्टी प्रभारी प्रभात झा ने देवेश मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार घोषित किया है। मोदगिल सांसद किरण खेर गुट से माने जाते हैं।
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मोदगिल को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ आशा जसवाल ने बगावत करते हुए फिर से मेयर पद के लिए नामांकन भरा, जबकि भाजपा ने अपना सीनियर डिप्टी मेयर का अधिकृत उम्मीदवार गुरप्रीत ढिल्लो को बनाया है। वहीं, आशा जसवाल के गुट से रविकांत शर्मा ने सीनियर डिप्टी मेयर का नामांकन भरा है। भाजपा ने डिप्टी मेयर उम्मीदवार विनोद अग्रवाल को घोषित किया है। हालांकि, विनोद अग्रवाल आशा जसवाल के नामांकन के समय भी मौजूद थे और वह उनका समर्थन भी करते हैं।

भाजपा के कुल 20 पार्षद हैं, जिनमें से 11 ने मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध किया है। ये सभी 11 पार्षद भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन गुट के हैं। पिछली बार भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने ही आशा जसवाल को मेयर बनवाया था। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी सिटिंग मेयर ने अपनी ही पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार की बगावत की है। 
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आशा जसवाल को सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता ने भी समर्थन दिया है। प्रभात झा की ओर से मोदगिल को मेयर का पद का उम्मीदवार घोषित करने से पहले ही आशा जसवाल ने निर्दलीय तौर पर मेयर पद के लिए नामांकन भर दिया क्योंकि इस फैसले की जानकारी मेयर सहित टंडन गुट के पार्षदों को बुधवार दोपहर को ही हो गई थी। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने अपने गुट के पार्षदों को पहले ही जानकारी दे दी थी कि मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार बनाया जा रहा है, जबकि टंडन गुट अरुण सूद को उम्मीदवार बनवाना चाहता था।
 

अमित शाह के निर्देश पर मोदगिल बने उम्मीदवार

Mayor Election 2018 - फोटो : अमर उजाला
अमित शाह के निर्देश पर मोदगिल बने उम्मीदवार, जेटली ने सूद के लिए सिफारिश की
कोर ग्रुप के अधिकतर सदस्य अरुण सूद को मेयर का उम्मीदवार बनाने के समर्थन में थे। सदस्यों ने बैठक में यह बात रखी, लेकिन देवेश मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार बनाने के लिए हाईकमान ने झा को आदेश दिए हुए थे।

सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झा को मोदगिल को उम्मीदवार बनाने के लिए कहा था क्योंकि सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन हाल ही में मोदगिल को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर शाह को मिले थे, जबकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सूद को मेयर बनाने के लिए झा और संगठन मंत्री से बात की थी।

झा ने टंडन सहित कोर ग्रुप के नेताओं से भी यह बात कही कि अमित शाह ने मोदगिल को उम्मीदवार बनाने के निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन टंडन गुट के नेता यह बात मानने के लिए तैयार नहीं थे। किरण खेर खुलकर कई महीनों से मोदगिल का समर्थन कर रही हैं। किरण खेर बुधवार को पूरा दिन संसद में व्यस्त रहीं, लेकिन उन्होंने पहले से ही हाईकमान के समक्ष मोदगिल की उम्मीदवारी को मजबूत कर दिया था।

न सूद को बनाओ न मोदगिल, गुप्ता को बना द

Mayor Elections 2018 - फोटो : अमर उजाला
न सूद को बनाओ न मोदगिल, गुप्ता को बना दो
बुधवार सुबह 9 बजे से मेयर पद का उम्मीदवार तय करने के लिए यूटी गेस्ट हाउस में मंथन शुरू हो गया था। सांसद किरण खेर गुट के छह पार्षद एक-एक कर पार्टी प्रभारी से मिलने के लिए गए और अपनी राय दी, लेकिन जब टंडन गुट के पार्षदों को कहा गया तो यहां के 14 पार्षदों ने एक-एक कर मिलने से इनकार कर दिया और सभी पार्षद एक साथ पार्टी प्रभारी प्रभात झा और संगठन मंत्री दिनेश कुमार को मिलने के लिए कमरे में गए।

यहां पर आशा जसवाल और पूर्व मेयर अरुण सूद ने मोदगिल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि पिछले सदन की बैठक में मोदगिल ने पार्र्टी के अनुशासन के खिलाफ काम किया है। सूद ने कहा कि मोदगिल के खिलाफ 13 पार्षदों ने शिकायत की हुई है। यहां पर पार्टी प्रभारी प्रभात झा की सूद और आशा जसवाल के साथ जमकर बहस भी हुई। 

सूद ने कहा कि पार्टी के 13 पार्षद पहले ही उनके नाम पर संगठन मंत्री और भाजपा अध्यक्ष को राय दे चुके हैं। सूद और आशा जसवाल की बात नहीं सुनी गई तो ये सभी पार्षद कमरे से बाहर आ गए। जब टंडन गुट के पार्षदों को लगा कि सूद को उम्मीदवार बनाने केलिए पार्टी तैयार नहीं है तो टंडन गुट के पार्षदों ने कहा कि सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता को ही मेयर का उम्मीदवार बना दिया जाए।

उन्होंने कहा कि न तो सूद को और न ही मोदगिल को उम्मीदवार बनाया जाए, लेकिन झा नहीं माने। इस पर सभी पार्षद बाहर आ गए। सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता अकेले ऐसे पार्षद हैं, जो तीसरी बार जीत कर आए हैं। राजेश गुप्ता खुद भी अकेले पार्टी प्रभारी प्रभात झा को मिले थे।
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सूद बने बगावत के रणनीतिकार  

Mayor Elections 2018
सूद बने बगावत के रणनीतिकार  
मेयर सहित 11 पार्षदों की बगावत में अरुण सूद ने अहम रोल निभाया क्योंकि सूद टंडन गुट के मेयर पद के उम्मीदवार थे। जब नाराज पार्षदों ने नगर निगम में बैठक की तो सूद की बजाय हर किसी ने आशा जसवाल को ही नामांकन भरने के लिए कहा। पहले सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता के नाम पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरने की बात पर भी चर्चा की गई।

पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं : झा
पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। यह तत्कालीन चीजे हैं, निपटा लिया जाएगा। आशा जसवाल और रवि शर्मा 9 जनवरी से पहले अपना नामांकन वापस ले लेंगे। देवेश मोदगिल पार्टी के अधिकृत मेयर पद के उम्मीदवार हैं। सभी नाराज पार्षदों से मना लिया जाएगा।
-प्रभात झा, प्रभारी भाजपा 

मोदगिल सेलवेल कंपनी के हितैषी : आशा
नाम वापस लेने के लिए नामांकन नहीं भरा है। ऐसे व्यक्ति को मेयर का उम्मीदवार बनाया गया, जो सेलवेल कंपनी का हितैषी है।सेलवेल से नगर निगम को 10 करोड़ से ज्यादा की रिकवरी करनी है।
-आशा जसवाल, मेयर चंडीगढ़

...ताकि बात हाईकमान तक पहुंचे : सूद
पूर्व मेयर अरुण सूद का कहना है कि आशा जसवाल और रवि कांत शर्मा ने नामांकन इसलिए भरा है ताकि फैसला लेने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी पार्टी हाईकमान को पता चले सके। 11 पार्षद हमारे साथ हैं। राष्ट्रीय नेताओं की अनदेखी कर यह फैसला लिया गया है। सभी नाराज पार्षद इसकेखिलाफ अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी को मिलेंगे। यह लोकतांत्रिक तरीके से लिया गया निर्णय नहीं है। वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। मोदगिल के प्रति इतना अंधा प्रेम ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रताड़ित और अपमानित किया गया। 13 पार्षद उन्हें मेयर बनाने के लिए अपनी राय दे चुके हैं, इसलिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
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