अगले वित्त वर्ष में बिजली दरें 20 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। इसके लिए प्रशासन तैयारी कर रहा है और अगले सप्ताह ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में अपनी याचिका दे सकता है।
अगर सबकुछ प्रशासन की मर्जी के अनुरूप होता है तो पहली अप्रैल से बिजली दरें बढ़ सकती हैं। घरेलू की तुलना में कमर्शियल उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ डालने का प्रस्ताव है। इससे पहले एक मई 2012 में बिजली दरें 5 से 16 फीसदी तक बढ़ाई गई थीं।
प्रशासन अपनी याचिका में एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) का उल्लेख करेगा। एआरआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया गया।
उम्मीद है कि बिजली विभाग की याचिका पर अंतिम सुनवाई से पहले जेईआरसी की ओर से बिजली की प्रस्तावित दरों पर शहर के लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।
अगर जेईआरसी इस साल भी प्रशासन की याचिका को मंजूर नहीं करता है तो शहर के लोगों को राहत मिल सकती है। प्रशासन को एआरआर 30 नवंबर तक जेईआरसी के पास जमा करना था।
लेकिन, कंसलटेंट की नियुक्ति में देरी के कारण प्रशासन ने जेईआरसी से याचिका दायर करने के लिए कुछ समय और मांगा था।
मौजूदा रेट
घरेलू सप्लाई
यूनिट-----------दरें
0-150----------2.30 रु.
150 से अधिक---4.20 रु
400 से अधिक---4.40 रु.
कामर्शियल
यूनिट------------दरें
0-150-----------4.30 रु.
150 से अधिक----4.50 रु.
400 से अधिक----4.70 रु.