बोतलबंद पानी की फैक्टरियों पर कार्रवाई करेगी पंजाब सरकार।
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पंजाब के विभिन्न जिलों में गंदे और मिलावटी पानी को बोतलबंद कर मिनरल वाटर के तौर पर बेचा जा रहा है। मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद अब पंजाब सरकार ने इन पर शिकंजा कसने और कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इस जानकारी को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।
अमृतसर निवासी संजीव भास्कर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए गंदे और मिलावटी पानी की बोतलबंद सप्लाई का मुद्दा उठाया था। याची ने कहा था कि अमृतसर की फैक्ट्रियों में नियमों को ताक पर रख कर काम किया जा रहा है। यहां पर जो पानी मिनरल वाटर के नाम पर पैक किया जाता है, वह गंदा और मिलावटी होता है। इस पानी की सप्लाई अमृतसर, बटाला, तरनतारन और होशियारपुर में हो रही है। इस बारे में मांगपत्र सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
फैक्ट्रियों पर रखी जा रही निगरानी
इस पर पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि मांगपत्र को आधार बनाकर कार्रवाई शुरू की जा रही है। लगातार इन फैक्ट्रियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही इस मामले में जांच भी की जाएगी। यदि याची जांच में शामिल होकर जांच दल की मदद करना चाहे तो भी पंजाब सरकार को इससे कोई आपत्ति नहीं है। पंजाब सरकार की ओर से खाद्य आयुक्त द्वारा दी गई इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।