कई सालों से लटका शहर का मास्टर प्लान फाइनल अप्रूवल के अंतिम स्टेज पर पहुंच गया है। चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 को लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल की चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
इसमें पाटिल ने अधिकारियों से पूरे मामले में जल्द कार्रवाई करने के आदेश दिए। मास्टर प्लान से जुड़े एक्सपर्ट ने भी अपनी रिपोर्ट पाटिल को सौंप दी है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इसी महीने मास्टर प्लान पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
मास्टर प्लान को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने बोर्ड ऑफ इंक्वॉयरी का नोटिफिकेशन जारी किया था। अभी तक ड्रॉफ्ट को लेकर 20 से अधिक नियमित सुनवाई हो चुकी हैं। इसमें शहर के मूल रूप को बिना नुकसान पहुंचाए मास्टर प्लान को अप्रूव करने पर विचार विमर्श किया गया।
प्रशासन की ओर से एक्सपर्ट हैरिटेज कमेटी की रिपोर्ट को भी मास्टर प्लान की अप्रूवल में शामिल किया गया है। भारत सरकार की ओर से इस कमेटी का गठन किया गया था।
हाल ही में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सेक्रेटरी यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलेपमेंट को चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में हस्तक्षेप के लिए कहा गया था।
डिवीजन बेंच ने चंडीगढ़ प्रशासन को इसकी स्टेटस रिपोर्ट 4 अगस्त तक सौंपने के आदेश दिए थे। प्रशासन की ओर से अपने जवाब में बताया गया कि 165 लोगों ने मास्टर प्लॉन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसमें आम लोगों के अलावा अन्य क्षेत्रों के लोग भी शामिल थे।