महिलाओं और बच्चों ने बाल्टियों से पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन इन झुग्गियों के आसपास खेत होने और हवा चलने के कारण वह आग पर काबू नहीं पा सके। इसी दौरान एक पांच साल का बच्चा अजीत झुग्गी के अंदर ही रोता और चीखता रहा लेकिन उसके चारों ओर लगी आग की लपटों में घिरकर वह बुरी तरह जल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस आग में सभी परिवारों का झुग्गियों में रखा खाने-पीने का और अन्य पूरा सामान जलकर राख हो गया।
गैस सिलिंडर के फटने से आग लगने का अंदेशा
आग लगने के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। इसके साथ ही एक झुग्गी में रखे गैस सिलिंडर में धमाका होने की जानकारी भी मिली है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस घटना पर गहरा दु:ख प्रकट करते हुए मृतक के परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।
13 मिनट में पहुंची फायर ब्रिगेड
खरड़ के फायर अफसर मोहन लाल वर्मा ने बताया कि खरड़ फायर बिग्रेड को सवा 4 बजे इस हादसे की सूचना मिली। इसके बाद फायर बिग्रेड की गाड़ी मात्र 13 मिनट में मौके पर पहुंच गई। तब तक सभी झुग्गियों में आग फैल चुकी थी। फायर बिग्रेड की तीन गाड़ियों ने इन झुग्गियों में लगी आग पर काबू पाया। फायर बिग्रेड के उप फायर अफसर उमेश कुमार, विक्रम सिंह, आकाशदीप सिंह, कुलदीप सिंह, तेजिंदर सिंह, विरेंदर सिंह, गुरमीत सिंह और तारा सिंह आदि ने आग पर काबू पाया।