चंडीगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 स्थित सीटीयू के डिपो नंबर एक के पीछे मंगलवार तड़के सीटीयू के सब इंस्पेक्टर पर नकाबपोश दो लुटेरों ने चाकू से हमला कर दिया। हमले में सब इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। कपड़े भी फट गए। लुटेरों ने सब इंस्पेक्टर के पेट, जांघ, सीने और हाथ पर चाकू से कई वार किए, लेकिन उन्होंने बैग नहीं छोड़ा। सब इंस्पेक्टर ने लुटेरों का डटकर सामना किया और घायल होकर भी जमकर घात घूंसे बरसाए। सब इंस्पेक्टर की बहादुरी देख लुटेरे मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घायल वेदपाल सिंह को जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी है। इस मामले की इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस जांच कर रही है।
पौने पांच बजे हुई घटना, कार खड़ी कर जा रहे थे डिपो
सेक्टर 19 निवासी 48 साल के सब इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह ने बताया कि उनकी करीब 20 दिन पहले ही डिपो में ड्यूटी लगी थी। इससे पहले वह सेक्टर 17 बस स्टैंड पर कैशियर ब्रांच में थे। उन्होंने बताया कि उनकी मंगलवार सुबह 5 से दोपहर एक बजे तक ड्यूटी थी। वह सुबह साढ़े 4 बजे घर से निकले। करीब पौने पांच बजे डिपो के पीछे पार्किंग एरिया में अपनी कार खड़ी की। इस समय अंधेरा था, आसपास कोई व्यक्ति नहीं था। वह पैदल डिपो की तरफ जाने लगे। इस दौरान पीछे से दो युवक आए और चाकू से हमला कर हाथ से बैग छीनने लगे। एक आरोपी चाकू से हमला करने लगा और दूसरे ने उन्हें पकड़ लिया। दोनों ने मफलर से मुंह ढके हुए थे। आरोपी ने सीधा गर्दन पर वार कर दिया। उनके पीछे हटने पर चाकू सीने में लग गया। आरोपी लगातार वार करते रहे। उन्होंने बचने के लिए बैग आगे किया तो आरोपियों ने जांघ में चाकू घोंप दिया लेकिन उन्होंने बैग नहीं छोड़ा और आरोपियों से लड़ते रहे। आरोपियों के भागने पर उन्होंने 112 नंबर पर कॉल पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस, अपराध शाखा और ऑपरेशन सेल की टीमें मौके पर पहुंचीं।
पहले भी यहां हो चुकी है वारदात
वेदपाल के अनुसार आरोपी वारदात के बाद पार्किंग के पास झाड़ियों की तरफ भाग गए। उसके पास संजय कॉलोनी पड़ती है। पुलिस आरोपियों की तलाश में घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। वेदपाल ने बताया कि बैग में पर्स और दोपहर का खाना था। पर्स में पांच हजार रूपये थे। वेदपाल ने बताया कि इस पार्किंग में कुछ समय पहले भी एक सीटीयू चालक से रुपये छीन लिए गए थे। इसके अलावा सीटीयू कर्मचारी की गाड़ी से बैटरी चोरी भी हो चुकी है। पीड़ित के अनुसार सीटीयू कर्मचारी की नाइट ड्यूटी लगती है और कर्मचारियों की गाड़ी पार्किंग में खड़ी रहती है।