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दो वर्षों से इंसाफ की आस में भटक रहे शहीद के माता-पिता

Sun, 26 Jul 2015 10:59 PM IST
दविंदर पाल सिंह/अमरउजाला, मोगा(पंजाब)
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कारगिल दिवस पर देश जहां विजय दिवस मना रहा है वहीं शहीद फौजी के माता-पिता न्याय की आस में 2 वर्षों से भटक रहे हैं। मामला है पंजाब के मोगा का। एक शहीद फौजी के बुजुर्ग माता-पिता ने जिला सचिवालय में जाकर सेहत विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ रोष जताया है।
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साथ ही धमकी दी है कि अगर उन्हें इंसाफ न मिला तो वे मरणव्रत पर बैठने को मजबूर होंगे। जनरल सहायक टू डिप्टी कमिश्नर कम जिला शिकायत अफसर अनीता दर्शी ने 27 जुलाई को दोनों पक्षों को अपना पक्ष पेश करने को तलब कर लिया है।

जिला बठिंडा के गांव लहरा खाना (नथाना) निवासी दंपति हरबंस सिंह और रणजीत कौर ने जिला प्रशासन को दी शिकायत में कहा कि उनके फौजी बेटे निर्मल सिंह के शहीद होने बाद से उनकी आर्थिक स्थिति खराब है। उन्होंने कहा है कि उनका इकलौता बेटा निर्मल सिंह 28 जनवरी 2007 को फौज में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया था।
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बुढ़ापे में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर दंपति

इसके बाद सेहत विभाग में उनकी बहू सतवीर कौर को नौकरी मिल गई। उसकी तैनाती मोगा में हुई, अब वह बठिंडा में तैनात है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बहू सतवीर कौर ने सेहत विभाग की मिलीभगत से अपने आवेदन पत्र में पता अपने मायके गांव भुच्चो खुर्द करवाकर नौकरी हासिल की।

इसके बाद से अपने मायके में ही रहने लग गई। उन्होंने शिकायत में कहा है कि वे बुढ़ापे में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। इस वजह से वे मानसिक रूप में परेशान हैं। जिला प्रशासन को दी शिकायत में पीड़ित बुजुर्ग दंपति ने सेहत विभाग के एक सीनियर अधिकारी का नाम लिखकर उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वे दो सालों से इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने अपनी फरियाद में यह भी आरोप लगाया कि इस सेहत अधिकारी ने झूठा हलफ नामा देकर अपनी सेवाकाल में बढ़ोतरी करवाई है। इस संबंधी सतविंदर कौर से संपर्क नहीं हो सका।
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