चंडीगढ़। बेटी की शादी के लिए एक व्यक्ति ने शिवालिक व्यू होटल बुक कराया था लेकिन किसी कारण से शादी नहीं हो सकी। इसके बाद चंडीगढ़ औद्योगिक और पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (सिटको) ने बुकिंग के पैसे वापस नहीं किए। मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो आयोग ने सिटको के खिलाफ फैसला सुनाते हुए बुकिंग के पैसे वापस करने के आदेश दिए हैं।
सेक्टर-44डी निवासी रमेश कुमार गुप्ता ने सेक्टर-17 स्थित सिटको के मैनेजिंग डायरेक्टर और होटल शिवालिक व्यू के डीजीएम फाइनेंस व अकाउंट के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि अपनी बेटी की शादी कराने के लिए उन्होंने 19 मार्च 2015 को शिवालिक होटल में बैंक्वेट हॉल को बुक कराया था। शादी 10 मई 2015 को होनी थी। इसके लिए उन्होंने 35,000 रुपये एडवांस भी दे दिए थे लेकिन किन्हीं कारणों से शादी टूट गई और कार्यक्रम नहीं हो पाया। इस बात की जानकारी बुकिंग मैनेजर को भी दे दी गई थी, लेकिन होटल की तरफ से उन्हें पैसे वापस नहीं किए गए बल्कि उन्हें समय दिया गया कि अगले दो साल के अंदर वह कभी भी अपना समारोह कर सकते हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई समारोह नहीं हुआ तो उन्होंने पैसे वापस मांगे, लेकिन सिटको की तरफ से पैसे वापस नहीं किए।
सिटको और होटल ने दिए यह तर्क
आयोग ने सिटको और होटल शिवालिक के डीजीएम को नोटिस भेजा। अपने जवाब में दोनों ने कहा कि बुकिंग के वक्त उपभोक्ता को सभी नियम व शर्तों की जानकारी दी गई थी। उपभोक्ता को काफी समय दिया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई समारोह नहीं किया गया। करीब साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद अचानक 15 सितंबर 2018 को उन्होंने पैसे वापस मांगे या फिर 31 मार्च 2019 को समारोह कराने की इजाजत मांगी। उपभोक्ता को बताया गया कि पैसे वापस करना अब संभव नहीं है, इसलिए उनकी तरफ से सेवा में कोई कोताही नहीं बरती गई है। हालांकि आयोग ने सिटको और होटल की इस दलील को नहीं माना और उन्हें दोषी पाया। आयोग ने कहा कि क्योंकि उपभोक्ता ने उनकी सेवा नहीं ली है, ऐसे में उन्हें पैसे वापस करने होंगे। आयोग ने बुकिंग के 35,000 हजार रुपये वापस करने और 5000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इस आदेश की पालना 30 दिनों के अंदर करना होगा अन्यथा सिटको और होटल को 9 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा।