शहर के विभिन्न फेजों में लगने वाली सब्जी-फल मंडियों में खरीदारी करने
आने वाले लोगों को सामान के रेट को लेकर परेशान न होना पड़े। इसके लिए
मार्केट कमेटी सख्त हो गई।
जानकारी के अनुसार कमेटी ने तय किया है
कि मंडियों में फड़ी लगाने वाले विक्रेताओं को बेचे जाने वाले सामान की
रेट लिस्ट फड़ी के आगे लगानी होगी। साथ ही उन्हें मार्केट कमेटी द्वारा तय
रेट पर सामान बेचना होगा।
ग्राहकों से बढ़िया तरीके से पेश भी आना होगा।
अगर दुकानदार ऐसा नहीं करते हैं तो मार्के ट कमेटी द्वारा कड़ी कार्रवाई की
जाएगी। जिसके तहत पहले दुकानदारों के चालान काटा जाएंगे। अगर इसके बाद भी
दुकानदार अपने रवैये में सुधार नहीं करते हैं तो उनके लाइसेंस कैंसिल तक
करने की कार्रवाई की जाएगी।
मार्केट कमेटी के मुताबिक लोगों की
सुविधा के लिए मंडियों के एंट्री गेट पर मंडी में बिकने वाले सामान की रेट
लिस्ट लगाई जाती है। वहीं पर लोगों को सारे रेट देखकर आगे खरीदारी के लिए
जाना चाहिए।
इसके बाद जिस पर भी फड़ी पर वे जाए। तो पहले उनको देखना चाहिए
कि दुकान पर बेचे जा रहे सामान की कीमत मंडी वाले रेट से मिलती है कि नहीं।
अगर कोई दुकानदार अधिक रेट पर सामान बेचता है। तो उस बारे में तुरंत मंडी
के बाहर बने दफ्तर में आकर करें।
मार्केट कमेटी के चेयरमैन बलजीत
सिंह कुंभड़ा ने मंडियों में दुकान लगाने वाले विक्रेताओं को कहा है कि वे
अपने लाइसेंस बनाने का काम पूरा करे। वहीं, उन्होंने मार्केट कमेटी के
मुलाजिमों को भी हिदायत दी है कि मार्केट की कमियों को तुरंत दूर किया जाए।
जिक्रयोग है कि रोजाना लगने वाले मंडियों में अधिकतर दुकानदार मनमाने रेट
वसूलते हैं। इसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसी मामले को लेकर
कंज्यूमर प्रोटेक्शन फोरम के लोग मार्केट कमेटी से मिल चुके हैं।
मंडी खत्म करने के बाद करनी होगी सफाई
मंडी
बोर्ड ने मंडियों में दुकान लगाने वाले दुकानदारों को साफ शब्दों में
हिदायत दी है कि वे मंडियों की साफ सफाई पर भी ध्यान रखे। रात को मंडी खत्म
होने के बाद वे सफाई करके जाए, ताकि लोगों को गंदगी के चलते परेशान न होना
पडे़।