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सेक्टर-17 में मंडी शिफ्टिंग से नाराज व्यापारियों को समझाने पहुंचीं मंडी प्रशासक

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चंडीगढ़। सेक्टर-17 में मंडी शिफ्टिंग से नाराज व्यापारियों के साथ रविवार को मंडी प्रशासक नाजुक कुमार ने बैठक की। बैठक में पहुंचे आढ़ती एसोसिएशनों और व्यापारियों को प्रशासक ने समझाने का प्रयास किया। साथ ही व्यापारियों की समस्याओं को भी सुना।
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व्यापारियों ने कहा कि मंडी शिफ्टिंग के नाम पर आढ़तियों को प्रशासन परेशान कर रहा है। हालांकि प्रशासक ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनके पक्ष को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखेंगी। बता दें कि बापूधाम में कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए यूटी प्रशासन सेक्टर-26 की मार्केट को एहतियात के तौर पर सेक्टर-17 स्थित बस अड्डे में शिफ्ट करना चाह रहा है। इसके लिए नगर निगम कमिश्नर केके यादव, एसएसपी नीलांबरी जगदले सहित अन्य अधिकारियों ने शनिवार को सेक्टर-17 स्थित बस अड्डे का दौरा कर निरीक्षण भी किया था। साथ ही जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने के भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे। मंडी शिफ्टिंग को लेकर ग्रेन मार्केट के व्यापारियों में खासा आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों की नाराजगी को देखते हुए रविवार को मंडी की प्रशासक नाजुक कुमार ने बैठक की। इसमें व्यापारियों ने प्रशासक के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और जल्द ही उनके समाधान की मांग की। प्रशासक ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखेंगी। बैठक में सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दिग्विजय कपूर, पूर्व मंडी चेेयरमैन देवेंद्र सिंह बबला, व्यापारी नेता लकी साहनी, बलवीर खरबंदा, बृजमोहन बुमरा आदि उपस्थित थे।
अगले हफ्ते शिफ्टिंग की है तैयारी सेक्टर-26 की ग्रेन मार्केट में सब्जी और फलों सहित आलू प्याज के व्यापारियों की शिफ्टिंग का कार्य अगले सप्ताह शुरू हो जाएगा। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जानकारी मिली है कि सेक्टर-17 के बाद व्यापारियों को सेक्टर-39 मंडी में शिफ्ट किया जाएगा। कनक खरीद का कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन इस कार्य को अंजाम देगा।
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कोट..
प्रशासन का है तुगलकी फरमान सेक्टर-17 में मंडी शिफ्टिंग किए जाने का फैसला प्रशासन का तुगलकी फरमान है। इस फैसले से आर्थिक रूप से टूट चुके व्यापारियों के सामने कई समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। संक्रमण को लेकर प्रशासन के पास कई अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन प्रशासन फिर भी उन विकल्पों पर न विचार कर जबरन शिफ्ंिटग का फैसला आढ़तियों पर थोप रहा है। -दिग्विजय कपूर, प्रधान, सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन, चंडीगढ़
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