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कोरोना वायरस: पंजाब में ग्रामीणों ने कई गांवों को किया आइसोलेट, नाका लगा आने-जाने पर लगाई पाबंदी

Thu, 26 Mar 2020 09:26 AM IST
ajay kumar अमर उजाला, लुधियाना/पटियाला ( पंजाब)
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ग्रामीणों ने गांव की सफाई के लिए खुद खरीदा सैनिटाइजर।
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इस समय लोग कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखकर भी अनजान बनकर कर्फ्यू का भी उल्लंघन करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं, वहीं पटियाला जिले के नाभा के कुछ गांव ऐसे भी हैं, जिनमें लोगों ने अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा करके जहां गांवों को सैनिटाइज किया है। वहीं लोगों में मास्क बांटे हैं। इसके साथ ही गांवों में आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। नाके लगाकर गांवों के नौजवानों ठीकरी पहरे दे रहे हैं।

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नाभा के गांव अगेता के ग्रामीणों ने बाहर के लोगों से दूरी बना ली है। 750 लोगों की आबादी वाले इस गांव में पढ़े-लिखे तो गिनती के हैं लेकिन यहां के लोगों ने कोरोना से निपटने के लिए खुद गांव को बचाने की ठानी है। गांव के किसान हरविंदर सिंह ने बताया कि सभी लोगों ने अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा किया और फिर उससे बाजार से सैनिटाइजर लाए और गांव की हर गली, मंदिर, गुरुद्वारे आदि में छिड़काव किया।

लोगों में मास्क भी बांटे गए हैं। साथ ही बताया कि पूरे गांव की सहमति के बाद गांव को नाभा शहर से जोड़ती सभी सड़के खुद ही बैरीकेड लगाकर बंद कर दी हैं। आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए बारी-बारी ठीकरी पहरे दिए जा रहे हैं। 
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ऐसा ही कुछ गांव अजनौदा, मांगेवाल और भादसों में भी किया गया है। अगेती की तरह इन गांवों में भी नियम बनाए गए हैं कि इमरजेंसी में दवा लेने गांव से बाहर जा सकते हैं, बशर्ते उन्हें कोरोना वायरस संबंधी रजिस्टर में जाने की वजह, समय और वापसी आने की समय सीमा दर्ज करनी होगी। अगर किसी को कोई जरूरी सामान, नकदी व अन्य कोई दूसरी सेवा चाहिए, तो वह गांव के अंदर मुहैया कराई जाएगी।

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लुधियाना: गांव हवास को युवाओं ने किया लॉकडाउन

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए साहनेवाल के पास पड़ते गांव हवास के युवाओं ने पूरे गांव को लॉकडाउन कर दिया है। इस गांव की तरफ आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। गांव में किसी बाहरी व्यक्ति को जाने की इज्जात नहीं दी जा रही है, वहीं गांव से भी किसी व्यक्ति को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। 

सरपंच सोनी ग्रेवाल का कहना है कि कोरोना वॉयरस से बचने के लिए एक ही तरीका है, घर में रहना है। कर्फ्यू के कारण सभी लोग छुट्टी पर है, ऐसे में कई आसपास के गांवों के लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए निकल रहे है। ऐसे में यह संक्रमण फैलने का भय बना है। इसलिए गांव के सभी लोगों ने मिलकर फैसला लिया है कि वह न तो खुद घरों से बाहर निकलेंगे और न ही गांव में किसी व्यक्ति को आने देंगे चाहे किसी का रिश्तेदार क्यों न हो। एक या दो दिन के अंदर गांव को सैनिटाइज करना भी शुरू किया जाएगा। इस पर आने वाले खर्च को पंचायत की तरफ से खर्च किया किया जाएगा, जरूरत पड़ने पर गांव निवासियों से भी सहायता ली जाएगी। 

वही युवक तेजी के अनुसार लॉकडाउन को लेकर उनका पूरा गांव सहयोग कर रहा है। गांव निवासियों को बता दिया गया है कि वह घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। अगर किसी व्यक्ति को दवा या फिर किसी अन्य चीज की जरूरत है तो वह उन्हें फोन कर बताएंगे। वहीं गांव निवासियों को आपस में भी सहयोग करने के लिए कहा गया है। बुजुर्गों को ताश खेलने से मनाही कर कर दी  गई है। युवा सुबह शाम फुटबाल खेलते थे, उसे भी बंद करवा दिया गया है। इसका मकसद गांव को कोरोना संक्रमण से बचना है। अगर जान है तो जहान है।
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