सेक्टर 10, 11, 14, 15 में भी पेड़ तेजी से सूख रहे हैं। पर्यावरण प्रेमी प्रेम गर्ग कहते हैं कि यूटी प्रशासन से लेकर हर स्तर पर अवगत कराया गया। स्कूलों में बड़े पेड़ों को काटा जा रहा है। हरियाली संकट में है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
पर्यावरण प्रेमी एसके शर्मा कहते हैं कि पीयू के गेट नंबर- 1 के बाहर दो विशाल पेड़ थे जो सूख गए हैं। इस समय वह कंकाल की तरह दिख रहे हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। नयागांव बैरियर से लेकर पीजीआई चौक तक सैकड़ों पेड़ लगे हैं। यहां भी 15 फीसदी से अधिक पेड़ सूखते जा रहे हैं।
पीयू के गर्ल्स छात्रावास- 1 में घुट रहा पेड़ों का दम
पीयू के गर्ल्स छात्रावास संख्या- 1 में पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट से जड़ों को ढक दिया गया। इन पेड़ों की उम्र भी अधिक नहीं है। पर्यावरण प्रेमी डॉ. विनोद चौधरी कहते हैं कि तने का विकास कंक्रीट व गोल सर्किल के कारण नहीं हो पा रहा है। यह पेड़ जल्द सूख जाएंगे। जल्द से जल्द कंक्रीट हटाई जानी चाहिए। कुछ जानकारों का कहना है कि पीयू के जिम्मेदार लोग कंक्रीट आदि पेड़ों के पास सजावट के लिए लगा रहे हैं। इसमें कमीशन का भी खेल होता है, लेकिन पेड़ों के लिए यह संकट जैसा है।
जिन पेड़ों पर दीमक लगी है अथवा बीच में से फट रहे हैं, उनका चिह्नित करवाया गया था। उसमें दवा के साथ में मिलिबग का भी छिड़काव करवाया गया था। इससे पेड़ ठीक हो गए थे और भी कोई ऐसे पेड़ हैं तो उन्हें भी चिह्नित करके ठीक करवाया जाएगा। - केके यादव, आयुक्त, नगर निगम