मुख्यमंत्री बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोध दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में हरियाणा पुलिस द्वारा आयोजित उत्तरी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुलिस के आला अफसरों की समन्वयक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव ने इस समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ एकजुट होकर प्रभावी रणनीति तैयार करने के लिए तीन सूत्रीय फार्मूला अपनाने पर सहमति बनी।
कहा कि नशे के कारोबारी को सख्त से सख्त सजा दिलवाने के लिए हमें भले ही कानून में संशोधन करना पड़े तो भी हम करेंगे। हरियाणा पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने दिनभर चली बैठक में की गई चर्चा के बारे मुख्यमंत्री को अवगत करवाया।
बैठक में हरियाणा के अलावा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक, एनसीबी महानिदेशक व गुप्तचर ब्यूरो के अधिकारी उपस्थित रहे।
सूचना देने वालों को इनाम देने की तैयारी में हरियाणा
सीएम मनोहर लाल ने भी नशे के खिलाफ पुलिस अफसरों द्वारा बनाई जा रही रणनीतियों में एड-ऑन करते हुए कहा कि पुलिस और विभिन्न एजेंसियों को नशा तस्करों और कारोबारियों की सूचना देने वालों को इनाम भी देना चाहिए। एजेंसियों के पास सीक्रेट फंड की कमी नहीं होती, इसलिए वे लोगों को अपने सीक्रेट फंड से इनाम दें।
साथ ही सूचना देने वालों का नाम भी पूरी तरह गोपनीय रखें। सीएम ने कहा कि इसी मसले को लेकर सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक साल में एक बार, आईजीपी तीन महीनों में एक बार और राज्यों के सीमावर्ती जिलों के थाना प्रभारी अमूमन मिलते-जुलते रहें और सूचनाओं का तुरंत आदान-प्रदान करते रहें।
बैठक में पंजाब से आए आला पुलिस अफसरों ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में नशे के खिलाफ थ्री टायर सिस्टम पर काम किया जाएगा। नशा कहां से आ रहा है, बीच की कड़ी कौन है और कहां पहुंच रहा है, इस पूरी चैन को तोड़ने के लिए पंजाब पुलिस ने एक खास रणनीति बनाई है।
इसके लिए पंजाब अन्य राज्यों के साथ भी पूरा तालमेल रख रहा है। पंजाब पुलिस के अफसरों ने बताया कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सूचनाओं का प्रवाह जनता से पुलिस तक बेखौफ हो।
इसके लिए भी पंजाब पुलिस जनभागीदारी को बढ़ा रही है। लोगों को आश्वस्त किया जा रहा है कि वे नशा तस्करों व कारोबारियों की सूचनाएं बेखौफ पुलिस को दें, उनका नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
अफसरों ने बताया कि यह कोशिशें इतनी कामयाब हुई है कि पंजाब में नशे के गठजोड़ को तोड़ने में बहुत सी सूचनाएं अब जनता से ही पुलिस तक पहुंच रही है। इसलिए पुलिस अब इस जन जागरूकता का दायरा और बढ़ा रही है।