पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल और पंजाब सीएम भगवंत मान चुनाव नहीं लड़ेंगे। ये सभी नेता लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का कहना है कि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं यह पार्टी हाईकमान का फैसला है।
पंजाब के चुनावी रणक्षेत्र में इस बार कई प्रमुख चेहरे नजर नहीं आएंगे। यहां तक की पंजाब की राजनीति में प्रमुख दलों की कमान संभाल रहे राजनेता भी चुनावी रण क्षेत्र में नहीं उतरेंगे। चाहे फिर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ हों या फिर शिअद प्रमुख सुखबीर बादल। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान भगवंत मान भी केवल चुनावी सेनापति की भूमिका में नजर आएंगे।
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पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल और पंजाब सीएम भगवंत मान चुनाव नहीं लड़ेंगे। ये सभी नेता लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का कहना है कि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं यह पार्टी हाईकमान का फैसला है। वह पार्टी हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार राजा वड़िंग भी चुनावी बागडोर ही संभालते नजर आएंगे। ऐसे में लोकसभा चुनाव में प्रदेश के चारों प्रमुख दल के मुख्य चेहरे चुनावी मैदान में न उतरकर चुनावी दांव-पेच से अपने चेहरों को जीत दिलाने में जुटे नजर आएंगे।
वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव की अगर बात करें तो उस समय गुरदासपुर सीट से भाजपा के प्रत्याशी रहे सनी देओल का मुकाबला पार्टी के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ से हुआ था, उस समय जाखड़ कांग्रेस के प्रत्याशी थे। सनी देयोल से जाखड़ 82,459 वोटों से गुरदासपुर सीट पर हारे थे। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने 2019 में फिरोजपुर सीट से जीत दर्ज की थी। सुखबीर बादल ने कांग्रेस के शेर सिंह घुबाया को हराया था। उस समय पार्टी सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल ने अपने बेटे को जीत दिलाने के लिए रैलियां भी की थीं। पंजाब के मुख्यमंत्री और आप प्रदेशाध्यक्ष भगवंत मान ने संगरूर सीट से जीत दर्ज की थी, उन्होंने कांग्रेस के केवल सिंह ढिल्लों को हराया था।
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कैप्टन पर राजनीतिक रसूख बचाने का दबाव
कई बड़े चेहरे अपने राजनीतिक रसूख और परिवार की साख को बचाने के लिए भी चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगर बात करें तो वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह अपनी पत्नी जो अब भाजपा में शामिल हो गई हैं, वह पटियाला से परनीत कौर के लिए चुनावी मैदान में नजर आएंगे। इसी तरह अमृतसर से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने वाले भाजपा के हरदीप सिंह पुरी भी चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे।