इसके साथ ही कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के सर्विस प्रोवाइडरों (वैटेनरी फार्मासिस्टों) और सफाई सेवकों के मेहनताने में वृद्धि करने का फैसला किया है। अब वैटेनरी फार्मासिस्टों का मेहनताना प्रति महीना 8000 से बढ़कर 9000 रुपये और सफाई सेवकों का मेहनताना 4000 से बढ़ाकर 4500 रुपये हो गया है। यह वृद्धि 1 जुलाई 2018 से लागू होगी।
कर्मचारियों की हाउसिंग सोसायटियों को मिलेंगे सस्ते प्लॉट
पंजाब कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को राज्य के इंप्रूवमेंट ट्रस्टों और अर्बन लोकल बाडीज की भूमि आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइज) पर अलॉट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत 40 कर्मचारियों को महाराष्ट्र की तर्ज पर एक एकड़ भूमि की अलॉटमेंट करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले से कर्मचारियों की लंबे समय से उठाई जा रही मांग पूरी हो गई है। इसके साथ ही कैबिनेट ने अर्बन लोकल बाडीज और इंप्रूवमेंट ट्रस्टों द्वारा सरकारी कर्मचारियों को अलॉट करने के लिए 3 फीसदी आवासीय प्लॉट रिजर्व रखने का भी फैसला किया है।
ऐसे आरक्षित आवासीय प्लॉटों की सुविधा पंजाब सरकार के अलावा बोर्ड, कारपोरेशन, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, राज्य के सहकारिता विभाग के अधीन कार्यरत एपैक्स संस्थान जैसे मार्कफेड, मिल्कफेड, पंजाब स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक, हाउसफेड आदि और पंजाब सरकार की ओर से अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को मिलेगी। यह प्लॉट ऐसे कर्मचारियों को मिलेंगे जिन्हें नियमित सेवा में कम से कम पांच साल हो गए हों या पिछले पांच साल में सेवा से रिटायर हुए हों। इसके अलावा उनके या उनकी पत्नी या आश्रित के नाम पर कोई प्लॉट या फ्लैट न हो।
पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के परंपरागत ईंट भट्ठों को बदलकर उन्हें आयताकार रूप और जिग-जैग सेटिंग वाले भट्ठों की शक्ल देने के लिए पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी की विस्तृत कार्य योजना को मंजूरी दे दी। साथ ही राज्य के मौजूदा भट्ठों को बदलने के लिए 30 सितंबर 2019 तक का समय दिया गया है।
कैबिनेट ने यह फैसला शहरों व कस्बों में वायु प्रदूषण की रोकथाम व नियंत्रण के संदर्भ में केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा दिए निर्देश के अनुरूप लिया गया है। पर्यावरण (सुरक्षा) एक्ट, 1986 की धारा 5 के अधीन भट्ठों को जिग-जैग सेटिंग वाले इंड्यूस्ड ड्राफ्ट प्रौद्योगिकी में तब्दील करने के लिए एक ड्राफ्ट आदेश तैयार किया गया है। वह भट्ठे जो कि शहर या कस्बों के नजदीक हैं और वायु प्रदूषण की रोकथाम में असफल हैं, को 1 जुलाई 2017 को जारी हुए सीपीसीबी के निर्देशों के अनुसार चलाने की आज्ञा दी जाएगी।