फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Loksabha Election: चुनावी समर से गायब हैं पंजाब के धुरंधर, सिद्धू से लेकर मनप्रीत बादल तक प्रचार से दूर

Fri, 10 May 2024 02:11 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

कांग्रेस की पूर्व सांसद आनंदपुर साहब से चुनाव लड़ चुकी अंबिका सोनी भी गायब हैं। कैप्टन को सत्ता से हटाने के बाद चन्नी को सीएम बनवाने में उनकी मुख्य भूमिका थी, लेकिन पंजाब के प्रचार से वह दूर हैं।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह, बिक्रम सिंह मजीठिया, अंबिका सोनी और मनप्रीत बादल। - फोटो : official X handle
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब की राजनीति के धुरंधर चुनावी समर से गायब हैं। न तो वह रैलियों में दिख रहे हैं और न ही किसी मीटिंग में। कैप्टन अमरिंदर सिंह हो या नवजोत सिंह सिद्धू, मनप्रीत बादल हो या फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार, इन नेताओं ने अपने आपको को राजनीति के पर्व से दूर कर लिया है। 

विज्ञापन


अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के जीजा आदेश प्रताप कैरों व साले बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी अपने आपको अपने विधानसभा हलके तक सीमित कर रखा है। पूर्व भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा भी पठानकोट से नहीं निकल रहे हैं। वहीं पूर्व सांसद शमशेर सिंह दूलो भी घर में बैठे हुए हैं। 
 

अंबिका सोनी प्रचार से दूर
कांग्रेस की पूर्व सांसद आनंदपुर साहब से चुनाव लड़ चुकी अंबिका सोनी भी गायब हैं। कैप्टन को सत्ता से हटाने के बाद चन्नी को सीएम बनवाने में उनकी मुख्य भूमिका थी, लेकिन पंजाब के प्रचार से वह दूर हैं। उनको पंजाब से टिकट नहीं दिया गया है। केंद्र के पूर्व कानून मंत्री रह चुके अश्वनी कुमार ने भी राजनीति से किनारा कर रखा है और घर बैठे हुए हैं। उनके निकटवर्ती लोगों का कहना है कि उनको पार्टी ने टिकट नहीं दिया है और न ही उनकी सेवाएं ली जा रही हैं। 

विज्ञापन


कैप्टन अमरिंदर सिंह भी दूर हैं। वह अपनी पत्नी के प्रचार तक में खुलकर मैदान में नहीं हैं। हालांकि, भाजपा में ज्वाइन करने के बाद यह माना जा रहा था कि उनकी भूमिका अहम होगी और टिकटों के आवंटन से लेकर प्रचार तक की कमान उनके कंधे पर होगी, लेकिन पार्टी ने उनकी टिकट आबंटन में राय नहीं ली है। पार्टी की तरफ से कैप्टन को प्रेशर भी डाला गया है, जिसके बाद उनके बेटे रणइंदर सिंह चुनाव प्रचार के लिए निकले हैं। 

अश्वनी शर्मा भी नाराज
वहीं, भाजपा के प्रधान रह चुके अश्वनी शर्मा भी अंदरखाते नाराज चल रहे हैं। उनको हटाकर जाखड़ को प्रधान बनाया गया था, जिसके बाद अश्वनी शर्मा काफी आहत हुए थे। वह पार्टी की मीटिंग तक से दूरी बनाने लगे थे। वह दो बार सूबे के प्रधान रह चुके हैं और उनका मजबूत नेटवर्क है, लेकिन उन्होंने खुद को पठानकोट तक ही सीमित कर रखा है। मनप्रीत बादल भाजपा में हैं लेकिन वह भी प्रचार से दूर हैं। उनके ऊपर विजिलेंस  का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें जमानत लेने के बाद वह राजनीति बयानबाजी से दूरी बनाकर चल रहे हैं। केस दर्ज होने से पहले वह लगातार भगवंत मान पर आक्रामक थे लेकिन केस दर्ज होने के बाद उन्होंने चुप रहना ही बेहतर समझा हुआ है।
 

मजीठिया भी मैदान में नहीं
बिक्रम मजीठिया की पत्नी मजीठा हलके से विधायक हैं और बिक्रम खुद अमृतसर में विधानसभा क्षेत्र की कमान संभाले हुए हैं। हालांकि, उनका नेटवर्क पूरे पंजाब में है और मालवा के अलावा माझा के तमाम इलाकों में बिक्रम मजीठिया का डंका बजता है। मजीठिया व सुखबीर में सब ठीकठाक नहीं चल रहा है। 

मजीठिया पहले खडूर साहिब के इंचार्ज थे, लेकिन उनको हटा दिया गया। जिसके बाद उन्होंने पंजाब में प्रचार से दूरी बना रखी है। आदेश प्रताप कैरों स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के दामाद हैं औैर पंजाब के पूर्व सीएम कैरों के परिवार से हैं, लेकिन उन्होंने खुद को पट्टी हलके से बांध रखा है। पार्टी की तरफ से उनको महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गयी है, जिससे वह बिलकुल अलग चल रहे हैं।

जिसकी जहां जरूरत है, पार्टी के लिए खड़ा है: राठौर
पार्टी से उपाध्यक्ष राकेश राठौर का कहना है कि भाजपा एक मजबूत पार्टी है और सभी नेता पार्टी के साथ है। जिसकी जहां जरूरत है सब नेता मिलकर काम कर रहे हैं।

कांग्रेस बड़ा समंदर, सभी नेता मिलकर चल रहे: चन्नी
पूर्व सीएम चन्नी का कहना है कि परिवारों में छोटी मोटी बातें चलती रहती हैं लेकिन कांग्रेस एक बड़ा समुंदर है। इसी समुंदर में कई आते हैं कई चले जाते हैं लेकिन पार्टी हर नेता को तरजीह देती है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें