गर्मी से राहत पाने के लिए चार दोस्त नदी में नहाने उतरे थे।
पंजाब में आए दिन किसान सुसाइड कर रहे हैं। अब किसान जत्थेबंदी के सचिव ने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मानसा जिले में किसानों की ओर से आत्महत्या करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस साल जिले में अब तक करीब 20 किसान जान दे चुके हैं।
मृतक की पहचान भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की गांव रल्ला इकाई के सचिव वेद प्रकाश (48) के रूप में हुई है। यूनियन के गांव इकाई अध्यक्ष बीरबल सिंह ने बताया कि वेद प्रकाश डेढ़ एकड़ जमीन के मालिक थे। वह दो एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती करते थे।
वेद प्रकाश ने अपनी जमीन बेचकर एक बेटे और बेटी का विवाह करवाया था। दो माह पहले आग लगने से उनके खेत में खड़ी गेहूं की फसल जल गई थी। इस वजह से वह परेशान रहने लगे। बीरबल सिंह ने बताया कि किसान वेद प्रकाश पर सोसाइटी, आढ़ती और रिश्तेदार का करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज था।
फसल जलने पर उन्हें कोई मुआवजा तक नहीं मिला। बीरबल सिंह ने बताया कि वेद प्रकाश ने इससे परेशान होकर नहर में छलांग लगा दी। उनके दूसरे बेटे का अभी विवाह नहीं हुआ है। उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। जत्थेबंदी के जिलाध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा ने मृतक किसान के परिवार को सरकार की ओर से सहायता देने की मांग की है।