चार्जशीट में जिन 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, सारज संधू, मनप्रीत सिंह मन्ना, मनप्रीत भाऊ, परमजीत सिंह, संदीप सिंह केकड़ा, बलदेव सिंह, पवन कुमार बिश्नोई, नसीब दीन जट्टाणा, मोनू डागर, चरणजीत सिंह चेतन, प्रियव्रत फौजी, अंकित सेरसा, केशव कुमार, मनमोहन सिंह मोणा, कुलदीप, दीपक, सचिन चौधरी और अरशद खान हैं।
अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दो शूटरों जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्ना के नाम भी चार्जशीट में शामिल हैं। चार्जशीट में प्रत्यक्षदर्शियों, हत्या के वक्त मूसेवाला के साथ मौजूद दोस्त, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, जिस होटल में शूटर रुके थे, उसके स्टाफ समेत 122 गवाहों को शामिल किया गया है।
चार्जशीट में सबूत के तौर पर फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जब्त कारतूस, हथियार और अपराध में इस्तेमाल वाहन, खून के नमूने, आरोपी की मेडिकल जांच रिपोर्ट, घटना की जगह की सीसीटीवी फुटेज और उन होटलों की फुटेज शामिल हैं, जहां शूटर रुके थे।
चार विदेश में छिपे हैं, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जल्द
चालान में चार अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें मुख्य आरोपी गोल्डी बराड़, सचिन थापन, अनमोल (लॉरेंस बिश्नोई का भाई) और लिपिन नेहरा शामिल हैं, जो विदेश में छिपे हैं। एसएसपी के मुताबिक जल्द ही उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अब पंजाब पुलिस भारत सरकार के साथ मिलकर इन्हें भारत लाने की कोशिश करेगी।
इस मामले में 34 आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया था। 24 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। हत्या में शामिल जगरूप रूपा और मनप्रीत मनु कुस्सा पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अदालत को उनके मुठभेड़ के बारे में सूचित कर दिया गया है। आठ आरोपी अभी भी हिरासत से बाहर हैं। इनके खिलाफ पूरक चालान पेश किया जाएगा। गौरव तोरा, एसएसपी मानसा।