प्रेसवार्ता करते हरियाणा के सीएम मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा को पानी मुहैया कराने वाली भाखड़ा मेन लाइन यदि टूट जाए तो पंजाब डूब जाएगा। इससे हरियाणा में सूखा पड़ेगा। हर लिक्विड पैनल का विकल्प होना जरूरी है। भाखड़ा मेन लाइन का विकल्प भी तैयार करना चाहिए। यह लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है।
मुख्यमंत्री बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजाब से तय हिस्से का पानी न मिलने पर हरियाणा को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। खेती भी इससे जुड़ी हुई है। दक्षिणी हरियाणा में पानी का भारी संकट है। वह मानते हैं कि रावी-ब्यास में पानी अब पहले की तरह सरप्लस नहीं रहा फिर भी वर्तमान उपलब्धता के अनुसार प्रदेश को उसका हिस्सा मिलना चाहिए। पानी कम, ज्यादा होने से अनुपात भी घटता-बढ़ता रहता है।
पंजाब बिना देरी के लिए एसवाईएल का पानी हरियाणा को दे। अब बातों से रास्ता निकालने का समय निकल चुका। हमने पहल की लेकिन पंजाब की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला। अब मुख्यमंत्री स्तर के बजाय केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट को ही फैसला लागू कराना होगा। वह जल्दी इस बारे में केंद्र व सुप्रीम कोर्ट को पत्र के जरिये अवगत करवा देंगे। प्रधानमंत्री के बजाय सीधे गृहमंत्री से ही मिलना उचित होगा, चूंकि चंडीगढ़ व एसवाईएल का मामला उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। पिछली बार भी प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री से ही मिलने की सलाह दी थी।
पंजाब यूनिवर्सिटी में हिस्से के लिए गृह मंत्रालय को लिखा
मनोहर लाल ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा का हिस्सा बहाल करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। कुलपति से भी बात की है। पंजाब का इसमें कोई मामला नहीं। हिस्सा बहाल होने पर वह पीयू को आर्थिक मदद देने के लिए तैयार हैं। पीयू प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है, अगर हरियाणा के कुछ कॉलेज संबद्ध होते हैं।
एसजीपीसी को लेकर कोर्ट का फैसला जल्द आने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय हरियाणा में एसजीपीसी की तदर्थ समिति काम कर रही है। इसके तहत छह गुरुद्वारा आते हैं, समिति के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल हैं। एसजीपीसी को लेकर फैसला सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है, जल्द फैसला आने की उम्मीद है।