राजनयिकों को बिजनेसमैन बनने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए। यह बात इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में आयोजित यंग थिंकर्स कांफ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहीं।
वह हमारे आर्थिक विचार हमारी विदेश नीति विषय पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का हमारी विदेश नीति से गहरा रिश्ता है। यह विदेश नीति में ड्राइवर की भूमिका निभाती है। लेकिन इसका मतलब यह कभी नहीं है कि इससे विदेश नीति में मजबूती आती है। बल्कि इसके लिए कई अन्य चीजों का होना भी जरूरी है।