कहा- दो जगह सांसद रहा, वहां ऐसी नौबत कभी नहीं आई
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपी लैंड) के तहत लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को दिए। काम में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। अमर उजाला से बातचीत में मनीष तिवारी ने कहा कि वह इससे पहले दो अलग-अलग स्थानों से सांसद रह चुके हैं। उन दस वर्षों में कभी भी सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की समीक्षा बैठक में जाने की नौबत नहीं आई, लेकिन यहां सातवीं बार बैठक में आना पड़ा है। यह बताने के लिए पर्याप्त है कि काम किस तरह से हो रहा है।
उपायुक्त चंडीगढ़ निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित एमपी लैंड परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि स्वीकृत कार्यों में हो रही देरी का सीधा असर जनता पर पड़ रहा है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जिन परियोजनाओं में तकनीकी या प्रक्रियात्मक अड़चनें आ रही हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए और तय समयसीमा में कार्य पूरा कराया जाए।
आपसी सामंजस्य बढ़ाने के निर्देश
नगर निगम और प्रशासनिक विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि एमपी लैंड के तहत स्वीकृत कार्यों का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए और प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाए। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि रुके हुए कार्यों की विशेष निगरानी की जाएगी और जहां आवश्यक होगा, वहां जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि एमपी लैंड योजना का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों को पूरा करना है और इसे जमीन पर उतारना प्रशासन की प्राथमिकता है।