चंडीगढ़। मंडी शिफ्टिंग को लेकर जिन आढ़तियों के तेवर उग्र थे वह शाम को ढीले पड़ गए। यूटी गेस्ट हाउस में हुई यूटी के अधिकारियों के साथ बैठक में आढ़तियों एसोसिएशनों ने मंडी शिफ्टिंग में अपनी सहमति जता दी। संक्रमण काल खत्म होने के बाद मंडी वापस आ जाएगी। जल्द ही सेक्टर-17 बस अड्डा परिसर में ग्रेन मार्केट के फल, सब्जी और आलू-प्याज के आढ़तियों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि बापूधाम में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण यूटी प्रशासन सेक्टर-26 की ग्रेन मार्केट को सेक्टर-17 में शिफ्ट करने की योजना बना रहा था। इसको लेकर निगम कमिश्नर केके यादव और अन्य अधिकारियों के द्वारा बस अड्डे का निरीक्षण भी किया जा चुका है। हालांकि इस प्रक्रिया में मंडी के आढ़तियों ने विरोध किया था। सोमवार को भी सुबह बैठक कर आढ़ती नेताओं ने मंडी शिफ्टिंग का विरोध किया था, लेकिन सोमवार शाम को यूटी गेस्ट हाउस में हुई अधिकारियों के साथ बैठक में आढ़ती एसोसिएशनों ने मंडी शिफ्टिंग को लेकर हामी भर दी। इसमें मंडी के पूर्व चेयरमैन देवेंद्र सिंह बबला, सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दिग्विजय कपूर, बृज मोहन आदि उपस्थित थे।
आढ़तियों ने बनाई कमेटी
सेक्टर-17 में मंडी शिफ्टिंग को लेकर आगे जो भी रणनीति बनाई जाएगी, उसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें व्यापारी नेता देवेंद्र सिंह बबला, दिग्विजय कपूर, बृज मोहन, बलबीर सिंह और रतन जैन को शामिल किया गया है। यह कमेटी सेक्टर-17 में बनने वाली अस्थायी मंडी में आने वाली व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगी।