हरियाणा के नतीजों ने महिला मतदाताओं को फिर फोकस में ला दिया है। भाजपा की लगातार तीसरी जीत में महिलाओं की अहम भूमिका तो है ही, पर लोकनीति-सीएसडीएस के अध्ययन के अनुसार महिलाओं के हितों को साधने में भाजपा का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है...
प्रदेश में करीब 22 फीसदी लोगों (पुरुष-महिला दोनों) का मानना रहा कि भाजपा महिलाओं के मुद्दों को ध्यान रखने में पूरी तरह विफल रही, वहीं 20 फीसदी ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर सफल रही। हालांकि, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने भाजपा को इस मुद्दे पर कम आंका।
21 फीसदी पुरुषों ने माना कि भाजपा महिलाओं के हितों को ध्यान रखने में पूरी तरह सफल रही, जबकि इस पर महिलाओं का प्रतिशत 19 फीसदी ही रहा। वहीं, 21 फीसदी पुरुषों की तुलना में 23 फीसदी महिलाओं ने कहा कि भाजपा उनके हितों का ध्यान रखने में पूरी तरह विफल रही।
आंकड़े बताते हैं कि भाजपा ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजना के जरिये भले ही सेहत, शिक्षा व सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है, पर महिलाओं के बीच पार्टी की छवि को अभी और बेहतर होना है।
भाजपा को शहरी महिलाओं (49%) के बीच ग्रामीण महिलाओं (37%) की तुलना में काफी अधिक समर्थन मिला, जबकि कांग्रेस का महिला मतदाता आधार शहरी क्षेत्रों (34%) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों (38%) में अधिक रहा। आंकड़ों से पता चलता है कि कांग्रेस को पुरुष मतदाताओं के बीच बढ़त मिली, पर यदि भाजपा को महिलाओं का पूरा समर्थन मिलता, तो भगवा पार्टी और बड़ी जीत दर्ज करती।
महिला सुरक्षा पर राय
- अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं के लिए इस बार चुनाव में कई प्रमुख मुद्दे रहे। इसमें 39% ने बेरोजगारी, 17% ने मंहगाई , 6% ने भ्रष्टाचार और 5% ने किसान के मुद्दे, 8% ने महिलाओं से जुड़े मुद्दे, 5% ने सुरक्षा और 3% ने महिला पहलवानों के साथ दुर्व्यवहार को प्राथमिकता दी।
- जब महिलाओं से पूछा गया कि वह हरियाणा में अपनी सुरक्षा के बारे में क्या महसूस करती हैं, तो 36% ने माना कि पांच वर्षों के दौरान उनकी सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, 24% ने कहा कि सुरक्षा बिगड़ गई है।
- आंकड़े बताते है कि महिला मतदाताओं के बीच भाजपा को उनकी सुरक्षा जैसे विषय पर मजबूत बढ़त मिली है। वहीं, कांग्रेस ने उन महिलाओं के बीच अधिक समर्थन प्राप्त किया, जिन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति खराब हुई है या वैसी ही बनी हुई है।
कैसे किया मतदान
- सर्वेक्षण से पता चलता है कि पांच में से दो महिलाओं ने भाजपा का समर्थन किया। 41 फीसदी महिलाओं ने भाजपा को, तो 36% ने कांग्रेस का समर्थन किया। हालांकि, पुरुष मतदाता कांग्रेस के पक्ष में ज्यादा रहे, जहां 42 फीसदी पुरुषों ने कांग्रेस की ओर अधिक झुकाव दिखाया तो 39% भाजपा के पाले में दिखे।।
- यह दर्शाता है कि महिला-केंद्रित योजनाओं पर भाजपा के पारंपरिक फोकस ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाए रखी है।
- यह भी देखा गया है कि स्नातक डिग्री व उच्च शिक्षा वाली 29% महिलाओं ने कांग्रेस, तो 54% ने भाजपा का समर्थन किया। इसी तरह, 37% अशिक्षित और 41% प्राथमिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं ने भाजपा की तुलना में (क्रमशः 36% व 31%) कांग्रेस का समर्थन किया।