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Haryana Elections 2024 : विरोध से लेकर मतदान तक क्या रहा किसानों का रुख, निर्मूल साबित हुईं कुछ आशंकाएं

Thu, 10 Oct 2024 06:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा विभा अत्री और कीर्ति शर्मा

सार

एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। हरियाणा के सभी दलों ने इस मुद्दे को अपने घोषणापत्र में उठाया। कांग्रेस ने जीतने पर एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी का वादा किया, वहीं भाजपा ने एमएसपी पर 24 फसलें खरीदने की प्रतिबद्धता जताई।
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सांकेतिक तस्वीर file - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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हरियाणा में ग्रामीण परिवारों का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है और कृषि संबंधी मुद्दों के हरियाणा में भाजपा की जीत में एक महत्वपूर्ण रोड़ा बनने की आशंका थी। एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। हरियाणा के सभी दलों ने इस मुद्दे को अपने घोषणापत्र में उठाया। कांग्रेस ने जीतने पर एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी का वादा किया, वहीं भाजपा ने एमएसपी पर 24 फसलें खरीदने की प्रतिबद्धता जताई। सीएसडीएस-लोकनीति सर्वेक्षण के आंकड़ों से मौजूदा भाजपा सरकार की किसानों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता के बारे में खुद किसानों की राय का पता चलता है। 

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कल्याणकारी योजनाओं का कितना असर
आंकड़ों से पता चलता है कि यूं तो हरियाणा में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं हैं, लेकिन किसान सम्मान निधि योजना को छोड़कर, ज्यादातर किसानों ने दूसरी किसी योजना का लाभ न मिलने की बात कही। सालाना 6 हजार नकद मिलने वाली किसान सम्मान निधि योजना से दस में से छह किसानों को लाभ पहुंचा है। दरअसल, राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में दस में पांच किसानों ने बताया कि उन्हें इनसे कोई लाभ नहीं हुआ। इन योजनाओं के लाभार्थियों के गैर-लाभार्थियों की तुलना में भाजपा को वोट देने की अधिक संभावना थी। दिलचस्प बात यह है कि किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित होने वालों में से एक बड़े अनुपात ने भाजपा की तुलना में कांग्रेस को वोट दिया (44% बनाम 33%)। 

37% ने माना-भाजपा ने उनके लिए काम किया
किसानों के बड़े तबके का मानना था कि कांग्रेस वह पार्टी है, जिसने उनके कल्याण के लिए सबसे अधिक काम किया है। जब पूछा गया कि किस पार्टी ने किसानों के लिए सबसे अधिक काम किया है, तो दस में चार (42%) किसानों ने कांग्रेस का पक्ष लिया, जबकि 37% ने भाजपा का। 
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वोट के लिए कांग्रेस बनी पहली पसंद
जब हरियाणा में मतदाताओं से मतदान के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में पूछा गया, तो केवल 5% मतदाताओं ने किसानों के मुद्दों की बात की। हालांकि, किसान मतदाताओं के बीच यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 11% हो गया। आंकड़ों से स्पष्ट है कि कांग्रेस किसानों की प्राथमिकता वाली पार्टी रही। 44% किसानों ने पार्टी को वोट दिया, जबकि भाजपा को 35% ने वोट दिया।

30% ने माना-चिंताओं से निपटने में विफल
आंकड़ों से किसानों के मुद्दों को संबोधित करने में भाजपा की सफलता के बारे में मतदाताओं के बीच एक ध्रुवीकृत भावना का पता चलता है। लगभग तीन में से एक किसान (30%) का मानना था कि भाजपा उनकी चिंताओं से निपटने में विफल रही है। वहीं, लगभग एक चौथाई (25%) को लगा कि उनकी जरूरतें पर्याप्त रूप से पूरी की गई हैं। ये मिश्रित प्रतिक्रियाएं भाजपा के प्रदर्शन की धारणाओं में एक महत्वपूर्ण विभाजन को रेखांकित करती हैं और कृषक समुदाय का विश्वास जीतने में पार्टी के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालती हैं।

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