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Chandigarh News: बीमा पॉलिसी के नाम पर चंडीगढ़ निवासी से 60 लाख रुपये की ठगी करने वाला काबू

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चंडीगढ़। बीमा पॉलिसियों के नाम पर करोड़ों का मुनाफा देने का लालच देकर 60 लाख की ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने नोएडा से काबू किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने लगभग 2.5 करोड़ की ठगी की है। पुलिस ने पांच दिन का पुलिस रिमांड लिया है। इसी साल आरोपी के खिलाफ यूपी के मिर्जापुर में 60 लाख रुपये ठगी का मामला दर्ज हुआ था, वहीं बिलासपुर में उसके खिलाफ 10 लाख रुपये ठगी की शिकायत दर्ज है। आरोपी से 16 मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद हुआ है। मौजूदा मामले में आरोपी ने चंडीगढ़ के प्रेम सिंह से 60 लाख रुपये की ठगी की थी। ऑनलाइन बीमा धोखाधड़ी के एक मामले में साइबर अपराध पुलिस थाने ने 17 जुलाई, 2021 को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में यह मामला दर्ज किया था। लगभग दो साल बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पोस्ट ग्रेजुएट आरोपी की पहचान इंद्रापुरम, गाजियाबाद के तरुण शर्मा उर्फ भरत नंदन (31) के रूप में हुई है।
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इस तरह बनाया ठगी का शिकार
शिकायतकर्ता को युवती की कॉल आई और बताया कि उनकी दो बीमा पॉलिसियां हैं। इन पॉलिसियों पर लाभार्थियों की जगह एजेंट का कोड है। इन पॉलिसियों के पूरा होने पर रकम एजेंट के खाते में चली जाएगी। इसके बाद युवती ने उनकी बात वरिष्ठ कर्मचारी भरत नंदन से करवाई। उसन कहा कि पुरानी पॉलिसियों का लाभ लेने के लिए और पॉलिसियां लेने को कहा गया। आरोपी ने करोड़ों के रिटर्न का ख्वाब दिखाया जिसके चलते शिकायतकर्ता ने चार नई पॉलिसियां करवा लीं। इनकी रकम डेबिट कार्ड से की गई। इसके बाद शिकायतकर्ता को जीएसटी, आयकर, आरबीआई बिल क्लियर करने को कहा गया। शिकायतकर्ता कुल 60 लाख रुपये जमा करवा चुका था। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी तरुण शर्मा को नोएडा सेक्टर-2 से काबू किया।

पुराने क्लाइंट का डाटा जुटा ठगी में लगा था
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी वर्ष 2011-12 में नोएडा की एक बीमा कंपनी में काम करता था। उसने शिकायतकर्ता प्रेम सिंह को तब एक पॉलिसी दी थी। आरोपी ने वर्ष 2020 में दूसरी कंपनी में काम शुरू कर दिया था। उसने पुरानी पॉलिसियों का डाटा इस्तेमाल करना शुरू किया। वह निजी नंबरों से अपने पुराने क्लाइंट से बीमा के लिए बात करने लगा था। भारी मुनाफे का लालच देकर वह क्लाइंट को पॉलिसियों के रूप में निवेश करने को कहता था। इसी तरह उसने शिकायतकर्ता को फंसाया था।
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