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Chandigarh News: चंडीगढ़ का आधार नहीं तो सरकारी स्कूल में दाखिला नहीं

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चंडीगढ़।
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चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चे का दाखिला करवाना है तो आधार कार्ड पर शहर का पता होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं है तो बच्चे को स्कूल में दाखिला नहीं मिलेगा। सत्र 2023-24 में शिक्षा विभाग ने अप्रैल माह में ईडब्ल्यूएस दाखिले के दौरान जारी अधिसूचना में आधार कार्ड होना अनिवार्य किया है। अब विभाग में अगले सत्र से दाखिले के लिए अभिभावक का वोटर आईडी कार्ड को भी अनिवार्य करने पर बात चल रही है।बता दें कि पहले स्कूल में दाखिले के लिए निवासी प्रमाण के लिए किरायानामा ले लिया जाता था लेकिन इस सत्र में किसी भी बच्चे का दाखिला किरायानामा के आधार पर नहीं हुआ। हल्लोमाजरा हो या मलोया शहर के सभी स्कूलों में अभिभावक और बच्चे के निवासी प्रमाण के लिए आधार कार्ड पर चंडीगढ़ का पता होने पर ही दाखिला दिया गया।

वोटर आईडी कार्ड की प्रक्रिया जारी

दाखिले के लिए किरायानामा को स्वीकार न करने पर स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह ने कहा कि पहले कई जाली किरायानामा बन रहे थे। एक ही घर पर कई लोगों के किरायानामा बने। दोबारा ऐसा न हाे इसलिए इस सत्र से दाखिले के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य किया। वहीं, वोटर आईडी कार्ड को भी प्रक्रिया में शामिल करने पर चर्चा चल रही है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
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बच्चों को दाखिला मिलना हुआ मुश्किल

दस्तावेजों की सख्ती के कारण सड़क, झुग्गियों में रह रहे बच्चों का स्कूल में प्रवेश मुश्किल हो गया है। कई के आधार कार्ड नहीं बने हैं तो कुछेक का पता चंडीगढ़ का नहीं है। वहीं, कई लोगों के पास बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है। दस्तावेज न होने पर स्कूल बच्चे को दाखिले देने से इन्कार नहीं कर सकता और उन्हें बनाने के लिए जरूरत के अनुसार एक-दो महीने का समय देता है। लेकिन अक्सर स्कूलों में अशिक्षित अभिभावकों को दस्तावेज की कमी में दाखिले से सीधा इन्कार कर दिया जाता है।
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