बहू झगड़ती थी, आरोपी लगाती थी, धमकियां देती थी। परेशान होकर ससुर ने आत्मदाह कर लिया। आज पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मामला फतेहगढ़ साहिब के बस्सी पठाना की है। अरुण कुमार (50) ने रविवार को अपनी बहू से परेशान होकर खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगा ली। 90 फीसदी झुलसी हालत में परिजनों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
मौत से पहले दिए अरुण कुमार के बयान के आधार पर बस्सी पठाना पुलिस ने उनकी बहू गीतांजलि उर्फ एकता, समधन नीलम रानी और बलाचौर निवासी सोहन लाल पर हत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार अरुण कुमार ने अस्पताल में मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाया था कि उसके बेटे सन्नी ने रोपड़ में काम करते वक्त 2010 में गीतांजलि से प्रेम विवाह किया था। विवाह के तीन महीने बाद ही गीतांजलि झगड़ा करने लगी थी।
अपनी मां के साथ मिल कर गीतांजलि ने उनके खिलाफ दहेज मांगने का झूठा मामला भी दर्ज करवाया था। फैसला उनके हक में हो जाने के बाद भी वह किसी ना किसी बात पर उनसे झगड़ा करती रहती थी और उन पर दहेज मांगने का आरोप लगाने की धमकियां देती थी। कुछ दिनों पहले ही गीतांजलि ने उन्हें आपत्तिजनक हालत में घर से बाहर निकलने की धमकी दी थी, जिस कारण वह अशांत था।
बहू की धमकियों से परेशान होकर उसने खुद को आग लगा ली। वहीं परिजनों के मुताबिक अरुण कुमार ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जो पुलिस के पास है लेकिन अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने अरुण कुमार के मौत से पहले मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए बयान के आधार पर गीतांजलि, नीलम रानी और सोहन लाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तीनों की तलाश की जा रही है।