फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओएलएक्स पर देखी चोरी हुई कार तो खुद नोएडा पहुंचकर चोरों को पकड़ा, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

Tue, 29 Sep 2020 07:07 AM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, चंडीगढ़

सार

  • बीते आठ सितंबर को मौलीजागरां से चोरी हुई थी कार
  • कनोएडा के बिसरख गांव में मिली, दो युवक गिरफ्तार
  • पुलिस सिर्फ डीडीआर दर्जकर केस में पल्ला झड़ती रही
विज्ञापन
ओएलएक्स पर कार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब सचिवालय के एक चपरासी की होशियारी से उसकी चोरी हुई कार मिल गई और उसने उसे व चोरों को खुद ही तलाश लिया। दरअसल, मौलीजागरां स्थित घर के पास से सेंट्रो कार चोरी होने के बाद जब उसने पुरानी कार खरीदनी चाही तो उसे ओएलएक्स पर चोरी हुई अपनी ही कार दिख गई। उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया लेकिन पुलिस का रुख ढीला नजर आया। यह देख वह खुद नोएडा पहुंचा और लोकल पुलिस को सूचित कर कार चोरी करने के दो आरोपियों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन


वहीं, मौलीजागरां पुलिस सिर्फ डीडीआर दर्जकर केस में पल्ला झड़ती रही। घटना बीते 8 सितंबर की है। पीड़ित हरदीप सिंह (26) ने बताया कि वह मौलीजागरां के लाला वाला पीर स्थित मकान नंबर-46 में परिवार समेत रहता है और पंजाब सचिवालय में बतौर चपरासी काम करता है। बीते 7 सितंबर को उसकी सेंट्रो कार घर के बाहर खड़ी थी। अगली सुबह करीब 11 बजे देखा तो कार चोरी हो गई थी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के अलावा मौलीजागरां थाना पुलिस को दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने डीडीआर दर्ज किया। इसके बाद अगले दो दिनों तक वह थाने का चक्कर काटता रहा लेकिन कार का कुछ पता नहीं चल सका। 11 सितंबर की रात करीब 7.45 बजे उसके मोबाइल पर गाजियाबाद के दुहाई टोल प्लाजा से फास्टैग का 50 रुपये कटने का मैसेज आया। इससे पता चला कि उसकी कार गाजियाबाद की ओर गुजरी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि बिना किसी देरी के वह भागकर थाने पहुंचा कि उसकी पुलिस उसकी मदद करेगी।
विज्ञापन


आरोप है कि फास्टैग का मैसेज दिखाने के बावजूद पुलिस का रवैया ढीला नजर आया। कहने के बावजूद उन्होंने एक बार भी टोल प्लाजा या फिर वहां के स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं साधा। इसके अगले दिन हरदीप के पिता दर्शन सिंह दुहाई टोल प्लाजा पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज को निकलवाने की कोशिश की लेकिन कैमरा खराब होने के चलते कार का कुछ नहीं पता चल सका। 
विज्ञापन

ओएलएक्स पर 55 हजार लगी थी कार की कीमत

हरदीप ने बताया कि कार चोरी होने के बाद वह पुरानी कार को खरीदने की सोच रहा था। बीते 21 सितंबर की शाम करीब 4.30 बजे वह ओएलक्स पर पुरानी कार देख रहा था तभी उसे अपनी सेंट्रो कार दिखी, हालांकि उसका नंबर प्लेट बदला हुआ था लेकिन चेचिस और इंजन नंबर उसका ही था। कार की कीमत 55 हजार रुपये लगाई गई थी। यह देखकर वह दंग रह गया। ओएलएक्स पर कार की फोटो को नोएडा से अपलोड किया गया था। एक बार फिर इसकी सूचना उसने मौलीजागरां थाने में दी लेकिन कोई खास मदद नहीं मिलने से वह उसी रात करीब 11.30 बजे परिवार के कुल नौ लोगों के साथ दो गाड़ियों से नोएडा निकल गया।

तीन घंटे की तलाश के बाद आखिरकार मिल गई कार
ओएलएक्स पर आ रहे लोकेशन के जरिए पीड़ित व उसके रिश्तेदार सुबह करीब 6.30 बजे नोएडा के बिसरख कोतवाली के अंतर्गत एक गांव में पहुंचे। जहां उन्होंने करीब 3 घंटे गांव में अलग-अलग जगहों पर छानबीन की तो उनकी कार एक घर में खड़ी हुई दिख गई। इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी कहते रहे कि कार उनके पास दो साल से है लेकिन जब गाड़ी के कागजात से इंजन और चेचिस नंबर का मिलान किया गया तो इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया। इसके बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर कार को कब्जे में ले लिया।

सही ढंग से कार्रवाई होती तो इतने चक्कर न काटने पड़ते
कार मिलने के बाद पीड़ित ने बिसरख कोतवाली पुलिस को केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर की बात कही लेकिन उसकी पुलिस ने एक न सुनी और कहा कि अब केस बिसरख कोतवाली पुलिस ही देखेगी। पीड़ित का आरोप है कि कार चोरी के बाद से अगर चंडीगढ़ पुलिस सही ढंग से कार्रवाई करती तो उसे इतने दिनों से चक्कर न काटने पड़ते। वहीं मौलीजागरां थाना प्रभारी जुलदान सिंह इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि शिकायत पर डीडीआर दर्ज की गई थी। गाड़ी मालिक ने अपने से ही कार की तलाश कर ली है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें