चंडीगढ़। जिला अदालत ने आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। साथ ही पीड़िता को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। वारदात के समय दोषी की उम्र 16 साल आठ महीने थी। उम्र और मामले की परिस्थितियों के आधार पर अदालत ने उसे कानूनन बालिग मानकर मुकदमा चलाया और अब सजा सुनाई।
मामला करीब दो साल पुराना है। पुलिस को मनीमाजरा सिविल अस्पताल से बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना मिली थी। पेट में दर्द की शिकायत के बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पड़ोस में रहने वाले नाबालिग लड़के ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने किसी बहाने से बच्ची को छत पर बुलाया और वहां पहुंचकर उसके साथ दुष्कर्म किया। सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान दोष साबित होने पर अदालत ने उसे 20 साल की कैद की सजा सुनाई।