शहर की एक 15 वर्षीय नाबालिग के अपहरण मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने कॉलोनी नंबर-4 निवासी राम परवेश को दोषी करार दिया है। अदालत उसे 4 मई को सजा सुनाएगी। मामले में दो आरोपी थे, दूसरे नाबालिग आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है।
मामले के अनुसार शहर निवासी एक व्यक्ति ने 26 मार्च 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दी शिकायत में कहा था कि वह भूषण फैक्टरी में काम करता है और यहां परिवार समेत रहता है। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। उसके अनुसार घटना वाले दिन उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से सुबह स्कूल के लिए निकली थी। वह पास के ही सरकारी स्कूल में 7वीं की छात्रा थी।
शाम तक जब उसकी बेटी वापस नहीं आई तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को मूलरूप से देवरिया (यूपी) निवासी राम परवेश बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि नाबालिग के अपहरण में वहीं के एक नाबालिग ने मदद की थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह नाबालिग को यूपी अपने पैतृक गांव ले गया है।
पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर एक टीम यूपी भेजी, लेकिन वहां उसका कुछ पता नहीं चला। 3 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी राम परवेश को एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नाबालिग भी मिल गई। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और आपराधिक साजिश की धारा में राम परवेश और नाबालिग आरोपी के खिलाफ संबंधित केस दर्ज किया था।