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अमर उजाला पड़ताल: जलभराव से चंडीगढ़ की रोड व गलियां जाम, मलेरिया और चिकनगुनिया फैलने का इंतजाम

Wed, 20 Jul 2022 03:56 PM IST
ajay kumar वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मौलीजागरां, मनीमाजरा, दड़वा, हल्लोमाजरा, बहलाना, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा अलीशेर, मलोया, कॉलोनी नंबर-4, सेक्टर-25, सेक्टर-27, सेक्टर-22, धनास, सेक्टर-20, सेक्टर-19 और सारंगपुर शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर साल इन क्षेत्रों से डेंगू के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। 
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सेक्टर 42 और 11 में भरे पानी में पनपे मच्छर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बारिश के साथ चंडीगढ़ में मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू बढ़ने के भी भरपूर इंतजाम हो रहे हैं। स्थिति यह है कि जिन रोड गलियों से बरसात का पानी बहकर बाहर जाता है, वह जाम पड़ी हैं। उन रोड गलियों में भरे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। मौजूदा समय में शहर में कई रोड गलियों की स्थिति ऐसी है लेकिन संबंधित विभाग को उसे साफ कराने की फुरसत नहीं है। 

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उधर मलेरिया विभाग ने भी मान लिया है कि चंडीगढ़ मच्छर विहीन हो गया है। तभी तो एंटी लारवा के नाम पर फाइलों में ही छिड़काव किया जा रहा है। उसका परिणाम सामने है कि रोड गलियों के ऊपर मच्छर तैर रहे हैं। कुछ ही दिनों में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 8 से 18 पर पहुंच गया। जनता बेहाल है। लोगों का कहना है कि घर के कूलर में पानी होने पर चालान काट दिया जाता है तो सड़क पर जलभराव व उसमें पनपे मच्छरों के लिए नगर निगम और मलेरिया विभाग के अधिकारियों का चालान कटना चाहिए। 

इन रोड गलियों की स्थिति खराब, मच्छरों का अंबार
सेक्टर-35 ए फ्लावर मार्केट के पास, नगर निगम के सामने सड़क के उस पार, सेक्टर-10 के लेजर वैली, सेक्टर-16 रोज गार्डन के गेट के सामने, सेक्टर-35 डी, सेक्टर-36 ए, सेक्टर-42 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के पास।   

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इन इलाकों में डेंगू का खतरा ज्यादा 
मौलीजागरां, मनीमाजरा, दड़वा, हल्लोमाजरा, बहलाना, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा अलीशेर, मलोया, कॉलोनी नंबर-4, सेक्टर-25, सेक्टर-27, सेक्टर-22, धनास, सेक्टर-20, सेक्टर-19 और सारंगपुर शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर साल इन क्षेत्रों से डेंगू के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। 



जनता की पुकार सुनने वाला कोई नहीं  
बारिश के मौसम में हर साल डेंगू-मलेरिया को लेकर स्थिति गंभीर होती है लेकिन विभाग को क्या करना है। उनका काम तो फाइलों में बेहतर है न। आखिर राहत और बचाव कार्य के नाम पर जनता को धोखा देने का काम कब बंद होगा। - दीपक शर्मा, हल्लोमाजरा 

जमीनी स्तर पर काम करने की स्थिति अब बची ही नहीं है। तभी तो फाइलों पर ही मच्छरों को मार दिया जा रहा है। जनता बेहाल है लेकिन उसकी फिक्र किसे है। सभी बस अपने फायदे की बात सोच रहे हैं।  - अजीत झा, रायपुर खुर्द

मलेरिया के लक्षण 
  • ठंड लगना, तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, पसीना आना, थकान, बैचेनी होना, उल्टी आना। 
डेंगू के लक्षण 
  • सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना। 
चिकनगुनिया के लक्षण 
  • अचानक बुखार, हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सरदर्द, लुकाम, थकान और रैशेस।
 

पांच वर्षों में डेंगू की स्थिति

वर्ष                      डेंगू के मरीज      मौत 
2017                  1125                  00
2018                   301                   00
2019                   286                   00
2020                   265                   00
2021                  1596                  03
2022 अब तक -     18                     00


मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए मलेरिया विभाग लगातार अभियान चला रहा है। इसके अंतर्गत जांच के साथ एंटी लारवा मुहिम और फॉगिंग करवाई जा रही है। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य।

लगातार हो रही बरसात के कारण रोड गलियों में मिट्टी जमा हो गई है। उसकी सफाई की प्रक्रिया जारी है। जहां-जहां जलभराव है, उसे चिह्नित कर शीघ्र साफ कराया जा रहा है। -विजयप्रेमी, एसई पब्लिक हेल्थ।
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