जसिया के जाट महासम्मेलन में रविवार को केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व इनेलो नेता अभय चौटाला पहुंचे। इस दौरान मंच से जमकर सियासी बाण चले। पहले अभय चौटाला ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार में बीरेंद्र सिंह मंत्री हैं। अभी यशपाल मलिक कह रहे थे कि 21 दिसंबर को दिल्ली जाएंगे। कहा कि भाजपा के लोग आपसे बात करेंगे, लेकिन इस बार सूखी बात पर मत मानना। लिखित रूप में समझौता करके आना। कई दोगले किस्म के लोग हैं। कहते कुछ हैं करते कुछ है। फिर बेईमानी करेंगे। पहले दस्तावेज सामने रखना। साइन करवाकर मुहर लगवा लेना। ताकि लोगों पर आपके ऊपर विश्वास हो जाएग कि आप कौम की सही लड़ाई लड़ रहे हैं।
चौटाला ने एसवाईएल पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आए दो साल हो गए। मंत्री बीरेंद्र सिंह पीएम को सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करने के लिए मजबूर करें। समाज के मंच से बात राजनीति की इसलिए हो रही हैं क्योंकि म्हारे साथ राजनीति की गई है। चौटाला ने कहा कि यशपाल मलिक ने पिछली बार 50 लाख मांगे थे, मैंने 1 करोड़ दिए। फिर कहता हूं कि कितना भी पैसा चाहिए। कमी पड़ जाए। कहीं मत जाना, मेरे पास आ आना, कहीं से भी पैसा लेकर आएंगे। केंद्र व राज्य से भाजपा का सूपड़ा साफ कर दो। प्रदेश में इनेलो व बसपा की साझा सरकार बनवा दो। एक करोड़ की जगह 100 करोड़ दूंगा।
मेरे खाते में नहीं 50 लाख, 4 करोड़ का लोहा खरीद लो, 60 लाख का फायदा करवा दूंगा: बीरेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह डूमरखां ने जाट महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इनेलो का विरोधी हूं, लेकिन जब कौम व राजनीति में बंटवारा होता है तो मुझे तकलीफ होती है। अभय व मलिक कह रहे थे कि पीएम मोदी व अमित शाह को उनका संदेश दे देना। मैं कहता हूं, जब तुम एकजुट हो जाओ। बंटवारे से कुछ नहीं होता। सामाजिक संगठनों को चाहिए कि वे राजनीतिक दलों को समझाएं। बंटवारा करने वालों को फटकार लगाएं, लेकिन इसके उलट होता है।
भाकियू के बाद अब मलिक की समिति भी चुनाव लड़ने की बात करेगी। इसी बंटवारे की कमी का फायदा दूसरे उठाते हैं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री बोले, अभय भाई ने कहा, मैं बनूगा तो 100 करोड़ दूंगा। जो बनकर हट गए उनसे तो 100-100 करोड़ ले लो, अभय को कहता हूं, जो जिंदा हैं उनको चिट्ठी लिख दो। कहो, हमको आगे देने हैं। बीरेंद्र सिंह आगे बोले, मैं भी सीएम बन सकूं सू, लेकिन 100 करोड़ देने की हां नहीं भरता। मेरे बैंक खाते में 50 लाख भी नहीं हैं। क्योंकि कभी बेईमानी की राजनीति नहीं की। छोटूराम धाम के लिए 4 करोड़ का लोहा खरीद लो, 60 लाख का फायदा करवा दूंगा। यशपाल मलिक की तरफ इशारा करते हुए बीरेंद्र सिंह बोले, कदै एक बार 100 करोड़ आलै ने बाड़ दो, थाम न बाहर काड़ देगा। आप बैठ जाग्या। कितने बाबा बैठे। चढ़ावे के चक्कर में कब्जा कर लें।
थाम भी कोरिडोर की मांग करवा लो, कौम एकजुट हो जाएगी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तीन दिन पहले केंद्र सरकार ने अमृतसर से पाकिस्तान की सीमा तक ननकाना साहिब जाने के लिए 350 किलोमीटर लंबा कोरिडोर मंजूर किया है। इसी तर्ज पर जाट समाज महापुरुष रहे राजस्थान के वीर तेजा, शामली के क्रांतिकारी शाहमल, दीनबंधु छोटूराम, चौधरी चरण सिंह व चौधरी देवीलाल के जन्म स्थल को जोड़ने के लिए एक कोरिडोर बनवाने की मांग करो। क्योंकि इससे कौम एकसूत्र में बंध जाएगी। समाज को उठाओ, क्योंकि राजनीति तो बांटेगी।
केएमपी पर 20 प्रतिशत दुकानें जमीन देने वालों को मिलें
बीरेंद्र सिंह ने जाट आरक्षण संघर्ष समिति से कहा कि वे मांग करें कि केएमपी के किनारे जो पांच शहर बस रहे हैं। उनमें 20 प्रतिशत दुकानें उन किसानों को दी जाएं, जिनकी जमीन अधिग्रहण में गई है। अगर बिजनेस नहीं चला सके तो किराए पर तो दे देंगे।
अब तो भजनलाल भी कौना, बिनाई व सिख जट्ट ने साथ मिला लो
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जाट एक होना चाहिए, चाहे उसकी भाषा व पहनावा अलग हो। प्रदेश में बिश्नोई व जट्ट सिख को भी जाटों के साथ मिलना चाहिए। अब तो पूर्व सीएम भजनलाल भी नहीं हैं, जो बिश्नोई को अलग मानते थे। जाटों सहित पांच जातियों को बीसी बी का आरक्षण का कोटा 11 से बढ़ाकर 14 करके सैनी, अहीर व गुर्जर के साथ शामिल किया जाए। बीसी ए के 16 प्रतिशत आरक्षण से छेड़छाड़ न की जाए।
भीड़ से उठकर बीरेंद्र सिंह से बोला युवक, पार्टी क्यों नहीं छोड़ देते
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह जब भाषण दे रहे थे, तभी मंच के सामने से एक युवक उठा और बोला जब भाजपा आरक्षण नहीं दे रही तो पार्टी क्यों नहीं छोड़ देते। मंत्री ने कहा कि सबकुछ राजनीति से संभव नहीं होता। समाज का प्रभाव भी जरूरी है। आयोजनों ने युवक को समझा बुझाकर शांत किया।