हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन की भर्तियों में धांधली की तह तक पहुंचने के लिए एसआईटी पूरी शिद्दत के साथ जांच में जुटी हुई है। एसआईटी लगातार इस मामले में आरोपियों की निशानदेही और उनसे जुटाए तथ्यों के आधार पर इस खेल में संलिप्त दलालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अब तक एसआईटी ने आरोपियों से संबंधित जो तथ्य व सुबूत जुटाए हैं, उसमें एक और बड़ा खुलासा हुआ है।
एसआईटी के पास एक आरोपी की ऐसी वॉयस रिकार्डिंग मौजूद है, जिसमें वे न केवल दलाल से भर्ती की एवज में रुपये लेने की डीलिंग कर रहा है, बल्कि उसने दलाल से बातचीत में ऐसा खुलासा भी किया है, जिससे सभी भर्तियों पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार यह आरोपी एक दलाल से बातचीत कर रहा है। दलाल ने आरोपी से कहा कि क्लर्क की भर्ती के लिए एक उम्मीदवार का नंबर वेटिंग में है, उसका काम करवाना है। इस पर आरोपी ने दलाल से कहा, कोई बात नहीं मैं चेक करके बताता हूं।
इसके बाद इसी आरोपी की एक अन्य व्यक्ति से बात हुई, जिसने आरोपी से कहा कि एक उम्मीदवार के क्लर्क भर्ती के इंटरव्यू में 20 नंबर लगवाने है, इस पर आरोपी ने कहा कि इसके लिए साढ़े तीन में बात हुई थी, इससे कम बिल्कुल नहीं लेने। बात आगे बढ़ती है तो यही आरोपी कहता है कि वे इंटरव्यू में 20 नंबर लगा देगा, इसी बातचीत में आरोपी दलाल से कहता है कि ‘इसमें क्या है सभी ने पैसे देकर ही अपना चयन करवाया है।’ एसआईटी से जुड़े एक अफसर ने कहा कि अभी इस मामले की जांच की जा रही है।
इंटरव्यू का रिजल्ट कब निकलेगा, तय करते थे घोटालेबाज
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नोट लेकर नौकरी दिलवाने की इस धांधली में इंटरव्यू में कितने अंक लगाने हैं, आरोपियों की पहुंच सिर्फ इतनी ही नहीं थी, उनकी ताकत यहां तक थी कि जब वे चाहते थे, तभी इंटरव्यू का रिजल्ट निकलवा देते थे। इस बात का खुलासा खुद उक्त आरोपी ने दलाल से बातचीत में किया है।
सभी भर्तियों पर सवालिया निशान लगाने वाला उक्त आरोपी एक व्यक्ति से बातचीत कर रहा है, व्यक्ति आरोपी को अपने नंबर बताता है और कहता है कि उसका 1 मार्च 2018 को रोडवेज ड्राइवर का इंटरव्यू है, देखकर बता दीजिए, अगर बात बनती है तो तो खर्चा पानी भी बता देना, इस पर आरोपी ने व्यक्ति ने कहा कि वे उसे बाद में फोन करेगा। इसी दौरान जब सौदेबाजी आगे बढ़ती है तो यही आरोपी व्यक्ति से कहता है कि कोई बात नहीं इंटरव्यू के तीन-चार दिन बाद ही रिजल्ट निकाल देंगे।
दो लाख रुपये की और रिकवरी
एचएसएससी घोटाले में मुख्य आरोपी अनिल के पुत्र से पुलिस ने करीब दो लाख रुपये की रिकवरी कर ली है। आरोपी अनिल ने रिश्वत की रकम नीलोखेड़ी के एक संस्थान के हॉस्टल में रहने वाले अपने बेटे को दे दी थी। रिकवरी के सिलसिले में पुलिस ने झज्जर में भी छापेमारी की लेकिन रुपयों की रिकवरी नहीं हो सकी। अब तक अनिल के पास से करीब सात लाख रुपये बरामद हो चुके हैं जबकि इस मामले में आरोपियों से हुई पूछताछ में 22 लाख के रिश्वत का खुलासा हुआ है।
इस मामले में गिरफ्तार आठ में से सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जबकि अनिल की रिमांड दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। रिमांड के दौरान अनिल से बकाया राशि की रिकवरी के लिए पूछताछ करने सहित इस मामले में अब तक फरार चल रहे एक और आरोपी के बारे में भी सुराग हासिल कर, उसे गिरफ्तारी के प्रयास में टीम जुटी हुई है।