पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (आप) पर आरोप लगाया है कि उनके नेता न सिर्फ लोगों बल्कि अदालत को भी गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मजीठिया ने कहा कि इसका ताजा उदाहरण आप के वरिष्ठ नेता आशीष खेतान का वाकया है, जिन्होंने अमृतसर की अदालत से कहा कि वह अस्वस्थ हैं।
उन्हें डॉक्टर ने तीन दिन के बेड रेस्ट (29 से 31 जुलाई) पर रहने की सलाह दी है, इस कारण वह अदालत में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। इस पर अदालत ने उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर कोर्ट में अनुपस्थित रहने की छूट दे दी, लेकिन खेतान 31 जुलाई को एक टीवी चैनल के स्टूडियो में उपस्थित रहे, जहां उन्होंने दिल्ली में घटिया सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम पर बहस में भाग लिया। इससे जाहिर है कि आप नेता ने झूठ बोलकर अदालत को गुमराह किया। मजीठिया ने कहा कि अदालत को झूठ बोलकर खेतान ने कोर्ट की अवमानना की है। पूरी दुनिया ने उन्हें टीवी पर देखा है।
खेतान को कोर्ट को गुमराह कर न्यायपालिका के सम्मान को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। मजीठिया ने सवाल उठाया है कि क्या आप नेताओं का अदालत के प्रति सम्मान, उनका व्यक्तिगत आचरण और ईमानदारी का स्तर यही है। जो नेता अदालत को गुमराह कर सकते हैं, क्या उन पर पंजाब के लोग विश्वास कैसे कर सकते हैं। आशीष खेतान के अदालत में दिए बयान और उसकी वास्तविकता पर मजीठिया ने कहा कि यह गंभीर मामला है। खेतान कोई आम वर्कर नहीं हैं, बल्कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उन्हें दिल्ली डायलॉग कमीशन का वाइस चेयरमैन नियुक्त कर मंत्रियों की तमाम सुविधाएं प्रदान की हैं।