महेंद्रगढ़- भिवानी लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी से कहा कि हे पुरी साहब! हमें एनसीआर से बचाओ, बोर्ड से हमें एक पैसे का फायदा नहीं मिल रहा बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर में अड़चनें पैदा हो रही हैं।
सांसद ने कहा कि उनका लोकसभा क्षेत्र 200 किलोमीटर दूर है और राजस्थान के छह जिलों से लगता हुआ है, लेकिन पता नहीं क्यों इस क्षेत्र को एनसीआर में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि एनसीआर का क्षेत्र होने से कोई फायदा नहीं मिलता। उल्टा जो शर्तें कनाट प्लेस में लगती हैं, वही शर्तें सिवानी एवं नांगल चौधरी जैसे क्षेत्र में लगाई जाती हैं। इस संबंध में क्षेत्र के जन प्रतिनिधि कई बार भारत सरकार के मंत्रियों से मंत्रणा कर चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं मिला।
सांसद ने कहा कि मेहरबानी कर हमें एनसीआर से बाहर निकालिए ताकि हमारा काम सुचारू रूप से चल सके। जब सांसद अपनी बात कह रहे थे तो उस समय केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह अपने सहयोगी के साथ बातचीत कर रहे थे। इस बीच उन्होंने कहा कि पुरी साहब उनकी बात सुन लें। इसके बाद वो बातों में व्यस्त रहे। आप बात बाद में कर लेना मेरी प्रार्थना सुन लें। इसके बाद भी केंद्रीय मंत्री ने ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि हे पुरी साहब हमें एनसीआर से बचाओ, हमें आपके माध्यम से एक पैसे की मदद नहीं मिली। हमें एनसीआर से बाहर निकालों। सांसद का तंज सुनकर अन्य सांसद ठहाके लगाकर हंसने लगे।
मनमोहन सरकार के समय में हुआ था फैसला
मनमोहन सिंह की सरकार-2 में महेंद्रगढ़ एवं भिवानी जिले को एनसीआर में शामिल किया गया था लेकिन अभी तक इन जिलों को एनसीआर का एक रुपये का फायदा भी नहीं हुआ बल्कि एनसीआर पर जितनी भी पाबंदियां या शर्तें लगाई जाती हैं वो सभी शर्तें इन दोनों जिलों पर लागू होती हैं। हालांकि हरियाणा भी इन जिलों को एनसीआर से बाहर रखना चाहता है। केवल राजधानी दिल्ली से 100 किलोमीटर दायरे के अंदर आने वाले जिलों को एनसीआर में शामिल रखना चाहता है।