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गांधी जयंतीः ये है वो जेल, जहां कैद था बापू का कातिल नाथूराम गोडसे, आज एक म्यूजियम है

Tue, 02 Oct 2018 10:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कालका के नजदीक बनी जेल में रखा गया था गोडसे को
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गांधी जयंती पर जानिए उस जेल के बारे में, जहां गोली मारकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को कैद करके रखा गया था। नाथूराम गोडसे को जहां देश का एक वर्ग देशभक्त मानता है, वहां एक वर्ग बापू का हत्यारा मानता है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद हिन्दू महासभा ने गोडसे को एक देशभक्त के रूप में पेश किया और गोडसे की प्रतिमा भी स्थापित कर डाली। जानिए उन्हें किस जेल में रखा गया था और किस अदालत में उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी।
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हरियाणा के कालका से कुछ किलोमीटर दूर डगशाई में यह जेल स्थित है। हाइवे के किनारे बनी यह सेंट्रल जेल ठीक वैसे थी, जैसे अंडमान निकोबार की जेल। कई जाने-माने स्वतंत्रता सेनानियों को इस जेल में रखा गया था। इस जेल में कैदियों की पहचान उनके नंबर से होती थी, जिन्हें गर्म सलाखों से कैदियों के माथे पर दागा जाता था। इन नंबरों को दाग-ए-शाही कहा जाता था। अंग्रेजों के समय में ये सेंट्रल जेल थी।

बताया जाता है कि इस जेल में उस समय बागी हुए कुछ सिख सैनिकों को भी रखा गया था। बाद में इन्हें फांसी दे दी गई थी। जेल में केवल 50 कैदियों को ही रखा जाता था। आजादी के बाद इस जेल को म्यूजियम में बदल दिया गया। अब चंडीगढ़ से 40 और कसौली से 11 किमी दूर स्थित इस जेल को देखने के लिए वीकेंड में पंजाब और चंडीगढ़ के पर्यटकों की भीड़ जमा रहती है।
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शिमला की ऐतिहासिक मिंटो कोर्ट में महात्मा गांधी के मर्डर केस की सुनवाई हुई थी और यहीं पर गोडसे को फांसी की सजा सुनाई गई। मगर अब ये आग में जलकर राख हो गया है। मिंटो कोर्ट बिल्डिंग 1904 में बनी थी। इसमें वायसराय के लिए बजने वाले विशेष बैंड से जुड़े लोगों को ठहराया जाता था। बाद में इसे कोर्ट बना दिया गया। 1968 से इसमें सीमा सड़क संगठन की दीपक परियोजना का मुख्यालय चल रहा था।
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