महापंचायत वाले स्थान पर बीएसएफ के जवान तैनात।
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ये हैं किसानों के प्रमुख मुद्दे
लक्खोवाल ने बकाया मुद्दों की सूची गिनाते हुए कहा कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 को रद्द किया जाए, बाढ़ प्रभावित किसानों की मांगें तत्काल मानी जाएं और पंजाब में बाढ़-रोधक स्थायी प्रबंध किए जाएं। इसके साथ ही गन्ना उत्पादक किसानों के भुगतान और सहूलियतों का समाधान भी जल्द दिया जाए। किसान नेता ने केंद्र के नए श्रम कानूनों (चार लेबर कोड) का विरोध भी दोहराया। उन्होंने कहा कि ये कोड मजदूर विरोधी हैं और आजादी के बाद पीछे धकेलने वाले सबसे खराब सुधार साबित होंगे। इनसे न तो न्यूनतम वेतन की गारंटी सुनिश्चित होती है और न ही सामाजिक सुरक्षा का दावा सही ठहरता है।
चंडीगढ़ पुलिस का वाहन।
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तेज किया जाएगा आंदोलन
उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को एसकेएम केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अन्य मजदूर-जत्थेबंदियों के साथ मिलकर इन कानूनों के खिलाफ व्यापक रोष प्रदर्शन करेगा। लक्खोवाल ने कहा कि सरकार यदि किसानों और मजदूरों के हितों को नजरंदाज करती रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महापंचायत में पूरे पंजाब से बीकेयू लक्खोवाल के बड़े जत्थे पहुंचेंगे और यह कार्यक्रम किसान संगठनों की एकजुटता का मजबूत संदेश देगा।