इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि पार्टी महापंचायत के साथ है। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार इस मसले पर कोई समाधान नहीं करेगी तब तक आंदोलन किया जाएगा। 31 अक्तूबर तक धरना चलेगा और उसके बाद 1 नवंबर से भूख हड़ताल प्रारंभ की जाएगी। इसके बाद भी कुछ नहीं होता है तो काली दिवाली मनाई जाएगी और आसपास के गांवों के लोग दिवाली नहीं मनाएंगे। एम्स की मांग को लेकर कुंड कस्बा, कुंड बैरियर सहित मनेठी गांव के बाजार भी पूरी तरह से बंद रहे। इस मांग को लेकर वक्ताओं ने बाजार बंद किए जाने का भी एलान किया था।
केंद्र को प्रस्ताव तक नहीं भेजा
महापंचायत में पहुंचे पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि किसी भी सीएम की घोषणा ऐसे नहीं हो जाती है उससे पहले पूरा वर्क करके ही घोषणा की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि उन्होंने इस मामले में एम्स के अधिकारियों से बात की है जिसमें पता चला है कि राज्य सरकार की तरफ से कोई प्रस्ताव ही नहीं मिला है।
सुबह 11 बजे आयोजित हुई महापंचायत में पूर्व मंत्री डॉ. एमएमल रंगा, पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व विधायक नरेश यादव अटेली, पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही,अर्जुन राव, डॉ. टीसी राव, कांता आलडिया व गीता सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।