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Maha Kumbh 2025: अमृत स्नान में शामिल हुए चंडीगढ़ के श्रद्धालु, दोपहर डेढ़ बजे का मिला था समय

Tue, 14 Jan 2025 01:37 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

पौष पूर्णिमा पर भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ महाकुंभ शुरू हुआ। चंडीगढ़ से भी कई जत्थे महाकुंभ में स्नान के लिए गए हैं।
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Maha Kumbh 2025 - फोटो : Prayagraj District Administration
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विस्तार
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प्रयागराज में मंगलवार से शुरू हुए महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए चंडीगढ़ से भी एक जत्था गया था। सभी श्रद्धालु श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण के शिविर में ठहरे हैं। 

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इस अखाड़ा को अमृत स्नान के लिए दोपहर डेढ़ बजे का समय मिला था। जत्था में गए श्रद्धालुओं में हरिशंकर मिश्रा, यशपाल शर्मा व अन्य लोगों ने बताया कि सभी लोग अखाड़ा के महंत के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे से स्नान के लिए रवाना हुए। शिविर से करीब तीन किलोमीटर दूरी पर स्नान का जगह निश्चित था।

हरिशंकर मिश्रा ने बताया कि प्रयागराज में भारी भीड़ है। हमें खुशी इस बात की है कि महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि भारी भीड़ के कारण नेट नहीं चल रहा है। अपने घर पर वीडियो नहीं भेज पा रहे हैं।

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मकर संक्रांति पर्व पर उत्तरायण हुए भगवान सूर्य

मंगलवार सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर सूर्य उत्तरायण हो गए। इसके साथ ही शुभ कार्य शुरू हो गए। देवालय पूजक परिषद के पूर्व अध्यक्ष और सेक्टर 28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी ईश्वर चंद्र शास्त्री ने कहा कि सूर्य नारायण मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसलिए इसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इसी दिन से महाकुंभ की शुरुआत है। बहुत ही पुण्य योग बन रहा है। गंगा और पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। इससे बहुत फल मिलता है। किसी कारण से गंगा स्नान के लिए तीर्थों पर नहीं जा सकते तो वे घर पर ही गंगाजल से स्नान कर सकते हैं।

श्री देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ लाल बहादुर दुबे ने बताया कि मकर संक्रांति पर गंगा तट पर स्नान का फल है। यदि किसी कारण से गंगा स्नान के लिए नहीं जा सके तो खाली बाल्टी में सबसे पहले गंगाजल का बूंदें डालकर उसमें तिल डालें उसके बाद उसमें पानी भरकर गंगा जी का आवाहन कर स्नान करेने से गंगा स्नान का फल मिलता है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार की सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर सूर्य भगवान धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही सभी शुभ कार्य जिसमें मुंडन, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, नया घर बनाना, विवाह आदि मंगल कार्य शुरू हो जाएंगे। इस दिन दान करने से पुण्य प्राप्त होता है।
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