शहीदी जोड़ मेल में जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकवादी बुरहान वानी की फोटो छापकर उसे नायक की तरह बताने वाली मैगजीन बेची जा रही है। इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे सुरक्षा एजेंसियों समेत खुफिया विभाग की नींद उड़ गई है।
अंक अगस्त 2016 में प्रकाशित हुआ है जिसके संपादक बलजीत सिंह खालसा अमृतसर से हैं। मैगजीन के फ्रंट पेज पर बुरहान वानी और बेअंत सिंह हत्याकांड में सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा की फोटो लगाई गई है। मैगजीन के अंदर बुरहान वानी पर दो फोटो के साथ काफी बड़ा आर्टिकल लिखा गया है। इसमें लिखा गया है कि आजादी के लिए लड़ना आतंकवाद नहीं होता।
वहीं इस बारे में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूछने पर कहा कि शांतिपूर्वक माहौल खराब करने वाली अगर ऐसी कोई मैगजीन यहां बिक रही है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के श्रद्धांजलि समारोह के दौरान मंगलवार को यह पंजाबी मैगजीन ‘वंगार’ चर्चा का विषय रही।
जब इस संबंध में शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के महासचिव महिंदरपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने इसे जायज करार दिया। उन्होंने कहा कि लोगों के हक की बात करने वाले हीरो होते हैं। सरकार तो जनता की आवाज बुलंद करने वाले को आतंकवादी ही कहती है।
जब इस बारे में शिरोमणि अकाली दल अमृतसर प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ये मैगजीन उन्होंने अभी पढ़ी नहीं है और ये स्टाल भी उनका नहीं है। वे इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।