कालीबाड़ी मंदिर में भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु।
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चंडीगढ़। मां दुर्गा भक्तों का आमंत्रण स्वीकार करके पंडाल में पधार चुकी है। कालीबाड़ी और बंग भवन में सजाए पंडाल में भक्तों ने मां के दर्शन कि ए। पूजा में शामिल होने के लिए और दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले भक्तों से सामाजिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। कालीबाड़ी में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक और शाम में साढ़े चार बजे से शाम छह बजे तक ही भक्त दर्शन कर पाए। वहीं बंग भवन में सुबह साढ़े छह बजे से दो बजे तक ही भक्त दर्शन कर पाए। दशमी को मां के भक्त विदाई देंगे।
कालीबाड़ी के सचिव राजेश राय ने बताया कि भक्तों के लिए दर्शन के लिए निशान बनाए गए हैं। उन्ही निशान पर खड़े होकर उन्हें दर्शन करने हैं। यह सब सामाजिक दूरी बरकरार रखने के लिए किया गया है। पूजा पंडाल में चंडीपाठ भी किया गया। इस दौरान पुष्पांजलि भी अर्पित की गई। संधि पूजा सुबह 11 से लेकर 11 बजकर 46 मिनट तक होगी। दोनों ही जगहों पर वीरवार को मां की आमंत्रण पूजा की गई थी। बंग भवन में भक्तों ने माता के दर्शन किए। इस दौरान महिलाओं ने शंख बजाया। बंग भवन में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद हाथ को सैनिटाइज करने के बाद ही पूजा पंडाल में प्रवेश करने दिया गया।
बंगिया संस्कृति सम्मिलनी के प्रधान अशोक डे सरकार, सचिव दिव्येंदु दास ने बताया कि कोविड के कारण सभी को रजिस्टर में एंट्री के बाद एक बार में मात्र 25 लोगों को ही पंडाल में जाने दिया जा रहा है। इस बार भक्त केवल मां का दर्शन ही कर पाए। फूल या प्रसाद लेकर जाने की इजाजत नहीं थी।
बंगिया सांस्कृतिक सम्म्लिनी के सांस्कृतिक सचिव अनिंदु दास और सांस्कृतिक संयोजक भवानी पाल ने बताया कि कोविड 19 के कारण किसी भी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किया जा रहा है। नियमों को सख्ती से पालन कराने के लिए बंग भवन में तीस वालंटियर काम पर लगे रहे।
संधि पूजा आज
पूजा में संधि पूजा का बहुत ही महत्व है। बंगिया सांस्कृतिक सम्मिलनी के सांस्कृतिक संयोजक भवानी पाल ने बताया कि शनिवार सुबह 11 से सुबह 11 बजकर 48 मिनट के बीच ही संधि पूजा होगी। अष्टमी और नवमी के बीच के समय संधि पूजा का महत्व है। अष्टमी के अंतिम चौबीस मिनट और नवमी के प्रथम चौबीस मिनट यानी अड़तालीस मिनट के समय में संधि पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी समय में मां ने महिषासुर का वध किया था। संधि पूजा से मन में आसुरी शक्ति को समाप्त किया जाता है।