गर्मी के मौसम में पहाड़ी वादियों में सैर करने का मजा ही कुछ और है। उसमें भी यदि आरामदायक सफर हो तो क्या कहने...। सैलानियों के रुझान को देखते हुए रेल विभाग भी नई-नई सुविधाएं मुहैया करा रहा है।
रेल कार की सुविधाएं तो पहले से ही मिल रही थीं, अब यात्रियों को ‘झरोखा’ की सुविधा भी जल्द मिलने वाली है। अभी चार रेल कार हैं, जिनमें एक में सोफा, टेबल, किचन में सजे क्रॉकरी, मोबाइल चार्जर, पंखे, म्यूजिक की सुविधा मिल रही है, बाकी तीन साधारण रेल कार हैं।
‘स्पेशल रेल कार’ में एक साथ 14 यात्री सफर कर सकते हैं। इसमें किचन में स्नैक्स तैयार करने के इंतजाम के अलावा म्यूजिक और चुनिंदा किताबों की भी सुविधा है।
आरामदायक सफर के साथ इतिहास जानने का मौका
अब ‘झरोखा’ में यात्रियों को बड़ा व आरामदायक सोफा, खानपान के लिए टेबल, सुंदर परदे, पंखे, दीवार घड़ी और ड्रेसिंग टेबल तक की सुविधा मिलेगी। फर्श पर मोजैक और मैट्स भी होंगे।
इन तमाम सुविधाओं से आप रेल कोच में भी अच्छे होटल जैसा आनंद ले सकेंगे। इतना ही नहीं जब इस कोच से बाहर की कॉरिडोर में आएंगे तो वहां भी बैठने के लिए दोनों तरफ दो-दो राउंड चेयर्स होंगे। सुरक्षा के लिहाज से दोनों कॉरिडोर में ग्रिल लगी हैं, जिसमें लॉकिंग सुविधा भी है।
इसके अलावा दोनों तरफ हैरिटेज साइट, धरोहर इंजन, कोच, रेल कार की खूबियां और तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ कालका-शिमला रेलमार्ग के विकास से जुड़ी कहानियों को भी फोटोग्राफ के जरिये बताने की कोशिश की गई है।
103 सुरंगों के बीच से सफर
वर्ष 2008 में यूनेस्को हैरिटेज साइट घोषित कालका-शिमला रेलमार्ग पर 97 किलोमीटर की यात्रा के दौरान 103 सुरंग हैं। 1927 में निर्मित इस मार्ग पर जब टॉय ट्रेन इन सुरंगों से होकर पहाड़ों के बीच से गुजरती है तो हरियाली के बीच का नजारा देखने लायक होता है।
दिन-ब-दिन सुविधाएं बढ़ाने पर फोकस
सभी रेल कार के इंटीरियर के साथ-साथ इसके रंग को भी बदलकर नीला से लाल कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले दूसरी रेल कार में शताब्दी की सीटें लगाई गई थी, ताकि यात्रा को और आरामदायक बनाया जा सके।
इस छोटी रेल कार में दी जाने वाली सुविधाओं के लिए रेलवे आने-जाने की यात्रा पर कुल 17 हजार रुपये चार्ज करता है, जबकि साधारण के लिए इसकी कीमत कम है। यह सुविधा उनके लिए अधिक फायदेमंद हैं जो ग्रुप में यात्रा का लुत्फ उठाना चाहते हैं।
अगर यात्रा के दौरान लगेज अधिक है तो इसके लिए भी अलग से इंतजाम किए गए हैं। असिस्टेट मैकेनिकल इंजीनियर जतिन्दर सिंह ने बताया कि अभी और कुछ नई सुविधाएं देने पर विचार किया जा रहा है।