बताया जा रहा है कि मंदीप कौर पति के साथ नेपाल भागने की फिराक में थी। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सुबह ट्वीट कर दोनों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। आरोपियों ने तय किया था कि अगर वे लूट में कामयाब हुए तो माथा टेकने श्री हेमकुंड साहिब, केदारनाथ और हरिद्वार जाएंगे। आरोपी मंदीप कौर के पास से 12 लाख रुपये, जबकि उसके पति से नौ लाख रुपये बरामद किए गए हैं। अभी तक पुलिस इस मामले में 5.96 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है।
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि अभी तीन और आरोपी अरुण कोच, गोपा और नन्नी फरार हैं। उनकी तलाश में टीमें जगह-जगह छापे मार रही हैं। इस ऑपरेशन में काउंटर इंटेलिजेंस और खुफिया सूत्रों से काफी मदद मिली। इससे उनके हुलिए और लोकेशन के बारे में पता चल पाया। पुलिस के मुताबिक आरोपी शुकराना करने गए थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनके साथी पकड़े जा चुके हैं, तो वे भूल सुधारने वहां पहुंचे थे। आरोपियों के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए उनका लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करवा दिया गया था। इस बीच पुलिस को उनके उत्तराखंड में होने की जानकारी मिली तो टीमों को वहां रवाना कर दिया गया।
आरोपियों को बस स्टैंड से लेने आया था आरोपी गुलशन, गिद्दड़बाहा से दबोचा
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव तख्त रायकोट से अलग-अलग हो गए थे। एक आरोपी गोपा क्रूज गाड़ी में कैश लेकर आरोपी गुलशन के घर बरनाला घर पहुंचा था। वहां से दोनों लुधियाना बस स्टैंड पहुंचे। आरोपी गुलशन सीधे तौर पर वारदात में शामिल नहीं था, लेकिन उसने आरोपियों का साथ दिया। पुलिस ने गुलशन को भी मुक्तसर साहिब के गिद्दड़बाहा से गिरफ्तार कर लिया है।