उन्होंने कुछ मुलाजिमों की भर्ती की है। बाकी मुलाजिमों की भर्ती भी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ की तीन कंपनियों सूबे की अलग अलग जेलों में तैनात करने के लिए भेज दी है।
जल्द ही एक कंपनी लुधियाना सेंट्रल जेल में भी लगा दी जाएगी। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी बना दी है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
जेल की सुरक्षा का साजों सामान किया नष्ट
हंगामे के दौरान कैदियों ने जेल की सुरक्षा उपकरणों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। कैदियों ने जेल के अंदर लगे लगभग सभी सीसीटीवी कैमरों को तोड़ कर उखाड़ ही दिया है।
इसके अलावा कैदियों ने जेल के कंट्रोल रूम और रिकॉर्ड रूम को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। कैदियों ने दोनों जगहों पर आग भी लगा दी है। इससे सारा रिकॉर्ड जल गया। जेल में तोड़फोड़ से करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
21 हवालातियों पर कई धाराओं में मामला दर्ज
जेल प्रशासन ने जेल में हंगामा करने वाले, तोड़फोड़ करने वाले और मुलाजिमों की हत्या की कोशिश करने वाले 21 हवालातियों पर हत्या के प्रयास, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
थाना डिविजन सात की पुलिस ने जेल सुपरिंटेंडेंट शमशेर सिंह की शिकायत पर गगनदीप, घनैया, रणबीर, हरिंदर, भूपिंदर, बूटाखान, बाबू, गग्गू, विशाल, पंकज, सुनील, अजीत, सरवन, रंजीत, गुरजंट, रोमिश, करणजोत, जट्टा, राकेश, कयूम खान, कर्मजीत हवालाती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब जिला पुलिस सभी आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेगी।
जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को डीजीपी जेल रोहित चौधरी के साथ केंद्रीय जेल लुधियाना का जायजा लिया। रोहित चौधरी के अनुसार इस हंगामे के पीछे कुछ गैंगस्टर्स थे जो इस बात से नाराज चल रहे थे कि उन्हें उच्च सुरक्षा जोन से बाहर आने नहीं दिया जाता है।
वहीं उन्हें प्रतिबंधित चीजें अंदर लाने नहीं दी जा रही थी। जेल मंत्री घायल जेल मुलाजिमों से भी मिले। साथ ही उन्होंने एलान किया कि कैदियों का बहादुरी के साथ मुकाबला करने वाले मुलाजिमों को 5 हजार रुपये नगद इनाम और तरक्की भी दी जाएगी।