जिले के 2 लाख 70 हजार एलपीजी उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए आधार कार्ड नहीं होने पर लिंकअप फार्म जमा कराने जैसे कई विकल्प जारी किए गए हैं।
एक विकल्प खरा न उतरने पर दूसरा विकल्प अपनाया जा सकता है। लेकिन अप्रैल 2015 से पहले यह प्रक्रिया सभी गैस उपभोक्ताओं को पूरी करनी होगी। 31 मार्च तक भी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो सब्सिडी वाला सिलेंडर नहीं मिलेगा।
सोनीपत स्टैंड स्थित प्रेम गैस एजेंसी संचालक प्रेम गोयल ने बताया कि सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को लिंकअप फार्म जमा करवाना होगा। इसके चार विभिन्न विकल्प हैं।
ये हैं प्रक्रिया पूरी करने को चार विकल्प
पहले स्तर पर राष्ट्रीय स्तर के बैंक में आधार कार्ड जमा करवाना है। दूसरे विकल्प में आधार कार्ड व उपभोक्ता कापी की फोटोस्टेट कापी जमा करवानी अनिवार्य है। इसके बाद तीसरे विकल्प में उपभोक्ता को अपनी एलपीजी उपभोक्ता आईडी का 17 अंक वाला कोड बैंक में देना होगा।
यदि उपभोक्ता इन तीनों ही विकल्पों को पूरा नहीं कर सकते तो वह अपना पूरा विवरण, रद किया राष्ट्रीय स्तर के बैंक का चेक, पास बुक की फोटो कापी व अपने बैंक का आईएफसी कोड गैस एजेंसी संचालक को दे सकता है। उपभोक्ता अप्रैल 2015 से पहले यदि ये प्रक्रिया पूरी नहीं करते तो उन्हें सब्सिडी के सिलेंडर नहीं मिलेंगे।
प्रेम गोयल ने बताया कि सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर एक बार पूरी कीमत पर खरीदने होंगे, इसके बाद सब्सिडी का पैसा उनके खाते में आ जाएगा। फिलहाल पैसा कितने दिन में वापस आएगा, कहा नहीं जा सकता।
लिंकअप फार्म नेट पर है उपलब्ध
लिंकअप वन, टू, थ्री व फोर फार्म डब्लूडब्लूडब्लू डॉट एमवाईएलपीजी डॉट इन पर उपलब्ध है। इसके अलावा यह फार्म शहर की फोटोस्टेट की दुकानों पर भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। अभी तक ये फार्म सरकार या बैंक की तरफ से गैस एजेंसी संचालकों के पास नहीं पहुंचे हैं।
पहले भी रही हैं खामियां
सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं को लौटाने के लिए पहले भी यह योजना चलाई गई थी। लेकिन कई उपभोक्ताओं के पैसे वापिस नहीं आए तो कुछ के खाते में डबल पैसा जमा हो गया। इसके बाद इसका विरोध होने पर इस योजना पर विराम लग गया था। अब एक बार फिर सरकार ने योजना का सरल कर उपभोक्ताओं के समक्ष रखा है।
बोले अधिकारी
अकसर गैस एजेंसी संचालक और कुछ उपभोक्ता कई कनेक्शन लेकर सब्सिडी का नियमों को ताक पर रख कर लाभ उठाते हैं। इस योजना से घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। सभी के बैंक अकाउंट पर सरकार द्वारा निर्धारित सिलेंडरों की सब्सिडी राशि आएगी।
- प्रमोद कुमार, डीएफएससी, रोहतक