प्रेमी जोड़े ने शादी के फैसले में परिजनों के विरोध की आशंका के चलते जहर खा लिया। जब इस बात का पता दोनों के घरवालों को चला तो उनके परिजनों ने सराहनीय फैसला लेते हुए दोनों की शादी करवा दी। शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से अस्पताल में संपन्न कराई। गांव पीरांवाली के पूर्व सरपंच दलीप सिंह का बेटा गुरुमुख डीएन कॉलेज में पढ़ रहा है। इसी दौरान उसकी मुलाकात उसी कॉलेज में पढ़ने वाली विद्युत नगर निवासी विक्रम सिंह की बेटी कुसुम के साथ हुई।
दोनों की कुछ समय बाद दोस्ती हो गई। साथ पसंद आया तो दोस्ती प्रेम में बदल गई। प्रेमी जोड़े ने आपस में शादी रचाने का फैसला लिया। दोनों को लगा कि उनके इस रिश्ते को नामंजूर करेंगे। शादी करने की बात पूरी नहीं हो पाएगी। इसी आशंका के चलते दोनों ने 26 जुलाई को देवी भवन के पास एक निजी होटल में जहर खा लिया। इस बात का पता जब गुरुमुख के पिता दलीप सिंह को चला तो वह जल्दी से हिसार पहुंचे। इसके बाद दोनों को गंभीर अवस्था में एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जब घटना के बारे में कुसुम के घरवालों को खबर मिली तो वह भी अस्पताल पहुंच गए।
इसके बाद दोनों परिवारों ने उनसे जहर का सेवन करने की वजह पूछी। तब परिवार को उनके आपस में प्रेम करने व शादी करने की इच्छा का पता चला। दोनों परिवारों ने आपसी रजामंदी के बाद दोनों की जल्द शादी कराने का फैसला लिया। परिजनों ने प्रेमी जोड़े को खुशी देने के लिए दोनों की शनिवार को अस्पताल में ही शादी करवा दी। इस दौरान दोनों को परिजनों के अलावा अस्पताल प्रशासन ने भी आशीर्वाद दिया। शादी के बाद लड़के के पिता दलीप सिंह ने बताया कि उनको इस शादी से कोई एतराज नहीं है।
अगर बेटा उनको इस बारे में पहले बता देता तो ऐसा करने की नौबत ही नहीं आती। अभी दोनों की हालत ठीक नहीं है, इसलिए ज्यादा खुशी नहीं है। तबीयत में सुधार होने के बाद दोनों की फिर से धूमधाम से शादी कराई जाएगी। लड़की के पिता विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों को यह कदम नहीं उठाना चाहिए था। जहां उनके बच्चे खुश हैं, उसी में उनकी खुशी है। अगर यह पहले बता देते तो आज यह शादी अस्पताल के बजाय उनके घर पर हो रही होती।