याचिका दाखिल करते हुए प्रेमी जोड़े ने बताया कि वे एक दूसरे से प्यार करते हैं और सहमति संबंध में साथ में रह रहे हैं। जोड़े को लड़की के परिवार वालों से खतरा है और ऐसे में उन्हें सुरक्षा दी जाए। हाईकोर्ट ने पाया कि लड़की ने याचिका में अपनी आयु 18 वर्ष लिखी थी जबकि एक अन्य स्थान पर यह 21 वर्ष दर्ज थी।
कोर्ट ने पाया कि जोड़े ने पानीपत में अभी किराए पर मकान लिया है, किराए का अनुबंध याचिका में पते के तौर पर संलग्न किया गया है। कोर्ट ने कहा कि जोड़े ने कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया है। उन्हें उनके गृह राज्य में सुरक्षा के लिए याचिका दाखिल करनी चाहिए थी, जबकि वे हरियाणा आकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए। इस प्रकार की चालाकी से वे खुद को हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं ला सकते। हाईकोर्ट ने जोड़े पर 20 हजार का जुर्माना लगाते हुए इस राशि को हाईकोर्ट क्लर्क एसोसिएशन में जमा करवाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह राशि जमा करवाने के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी है।