पहले से ही आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही पीआरटीसी को जाट आंदोलन ने और 60 लाख के नुकसान का झटका दे दिया है। जाट आंदोलन के कारण बड़ी गिनती में बसें हरियाणा और दिल्ली नहीं जा सकी। इससे कारपोरेशन को अब तक 60 लाख का नुकसान हो गया है।
हरियाणा के रोहतक में जाट आंदोलन के कारण जहां बड़ी गिनती में ट्रेनें रद्द हो रही हैं वहीं पीआरटीसी को भी खासा नुकसान हो गया है। पीआरटीसी की 25 फीसदी बसें इस आंदोलन के कारण शनिवार से बेकार डिपो में खड़ी हैं। इससे कारपोरेशन को रोजाना 20 लाख का नुकसान हो रहा है।
पीआरटीसी के जीएम एमएस हुंदल के मुताबिक अकेले पटियाला डिपो को ही इस आंदोलन के कारण रोजाना आठ लाख तक का नुकसान हो रहा है। बसें अंबाला तक ही जा पा रही हैं। इससे आगे के रूट पूरी तरह से बंद हैं। पीआरटीसी की कई बसें दिल्ली में फंसी हैं। कुछ बसों की तोड़फोड़ भी की गई है।
पीआरटीसी पहले ही खराब आर्थिक दौर से गुजर रहा है। सरकार से कोई ग्रांट नहीं मिल रही है। इसके कारण कारपोरेशन के लिए अपने पेंशनरों को पेंशन व रेगुलर कर्मचारियों को सैलरियां देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में 60 लाख का नुकसान होने से कारपोरेशन पर और वित्तीय बोझ बढ़ गया है। जीएम ने कहा कि सरकार से मदद के लिए लिखा जाएगा।